उदयनिधि ने कहा समानता के लिए जाति खत्म करें

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DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने स्पष्ट किया कि उनका विधानसभा में सनातन धर्म को "खत्म करने" का बयान जाति व्यवस्था को खत्म करने के लिए था। उन्होंने कहा कि इसका मतलब मंदिरों में जाने पर रोक नहीं, बल्कि समाज में समान अधिकार सुनिश्चित करना है। उदयनिधि ने पेरियार, अंबेडकर और अन्ना के सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा कि उनका विरोध असमानता और उत्पीड़न से है, न कि किसी की धार्मिक आस्था से। उन्होंने यह भी बताया कि उनका उद्देश्य ऊँची-नीची जातियों को बांटने वाली व्यवस्था समाप्त करना है और सभी को बराबरी के अवसर मिलने चाहिए।


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