अनिवार्य परिचालन लाइसेंस: सभी पीजी ऑपरेटरों को एक औपचारिक ऑपरेटिंग लाइसेंस प्राप्त करना होगा और अनिवार्य नगर निगम व पुलिस सत्यापन (वेरिफिकेशन) से गुजरना होगा। स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट: पुरानी इमारतों के मालिकों को छात्रों को रखने से पहले स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट सौंपनी होगी और सुरक्षा मंजूरी प्रमाणित करनी होगी। किराया नियंत्रण और औपचारिक समझौते: नीति का उद्देश्य मनमाने किराए पर लगाम लगाना और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए औपचारिक किरायेदारी समझौते को अनिवार्य बनाना है। सुविधाओं का मानकीकरण: नियमों के तहत रहने वाले लोगों की अधिकतम संख्या, अग्निशमन सुरक्षा (फायर सेफ्टी), किचन की साफ-सफाई और लिफ्ट से जुड़े मानकों को तय किया जाएगा।

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दक्षिण दिल्ली के सत्या निकेतन में एक पांच मंजिला इमारत गिरने और उसमें सात लोगों की मौत होने के बाद, दिल्ली सरकार ने पेइंग गेस्ट (PG) आवासों और कोचिंग सेंटरों को विनियमित करने के लिए एक नई व्यापक नीति की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने पुष्टि की है कि अगले छह सप्ताह के भीतर नया नियामक ढांचा और इसके लिए एक विशेष वेब पोर्टल शुरू कर दिया जाएगा।

नई पीजी नीति की मुख्य विशेषताएं

इस नीति का उद्देश्य पिछले तीन दशकों से चली आ रही विनियामक कमियों को दूर करना है। नए ढांचे के तहत सरकार निम्नलिखित नियम लागू करने की योजना बना रही है:

  • अनिवार्य परिचालन लाइसेंस: सभी पीजी ऑपरेटरों को एक औपचारिक ऑपरेटिंग लाइसेंस प्राप्त करना होगा और अनिवार्य नगर निगम व पुलिस सत्यापन (वेरिफिकेशन) से गुजरना होगा।
  • स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट: पुरानी इमारतों के मालिकों को छात्रों को रखने से पहले स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट सौंपनी होगी और सुरक्षा मंजूरी प्रमाणित करनी होगी।
  • किराया नियंत्रण और औपचारिक समझौते: नीति का उद्देश्य मनमाने किराए पर लगाम लगाना और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए औपचारिक किरायेदारी समझौते को अनिवार्य बनाना है।
  • सुविधाओं का मानकीकरण: नियमों के तहत रहने वाले लोगों की अधिकतम संख्या, अग्निशमन सुरक्षा (फायर सेफ्टी), किचन की साफ-सफाई और लिफ्ट से जुड़े मानकों को तय किया जाएगा।


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