- Home
- DPR Chhattisgarh
- रायपुर
- विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई गति देंगी मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाएं : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई गति देंगी मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाएं : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
- बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन और कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन से मजबूत होगा प्रदेश का रेल नेटवर्क
- रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ने से यात्री सुविधाओं के साथ उद्योग-व्यापार और माल परिवहन को मिलेगी नई गति
- अचानकमार, रतनपुर, मल्हार सहित प्रमुख पर्यटन एवं आस्था केंद्रों की कनेक्टिविटी होगी बेहतर
- मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति जताया आभार
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 10 हजार 783 करोड़ रुपए की लागत वाली तीन महत्वपूर्ण मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इनमें बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन और कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन छत्तीसगढ़ के विकास की दृष्टि से विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश के रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी, यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा तथा उद्योग और व्यापार के लिए माल परिवहन अधिक सुगम एवं प्रभावी होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आधुनिक और मजबूत रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण की दिशा में अभूतपूर्व गति से कार्य हो रहा है। छत्तीसगढ़ को भी इसका निरंतर लाभ मिल रहा है। नई मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को गति देने के साथ प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों, औद्योगिक विकास और रोजगार की नई संभावनाओं को विस्तार देंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
रेल नेटवर्क की क्षमता और कनेक्टिविटी में होगा विस्तार
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत तीन परियोजनाओं में खड़गपुर-झारसुगुड़ा (बागदेही) चौथी लाइन, कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन तथा बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन शामिल हैं। इनकी कुल अनुमानित लागत 10 हजार 783 करोड़ रुपए है और इन्हें वर्ष 2029-30 तक पूर्ण करने की योजना है।
इन तीनों परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 656 किलोमीटर की वृद्धि होगी। इनसे लगभग 4 हजार 790 गांवों और करीब 56 लाख की आबादी को बेहतर रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
बिलासपुर-पेंड्रा रेल कॉरिडोर को मिलेगी मजबूती
बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन और कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन की स्वीकृति छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व रखती है। इन परियोजनाओं से इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर की क्षमता में वृद्धि होगी। अतिरिक्त लाइन क्षमता से ट्रेनों का परिचालन अधिक सुगम होगा, रेल यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी तथा यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक प्रभावी एवं विश्वसनीय हो सकेगी। इस रेल कॉरिडोर की क्षमता में वृद्धि से छत्तीसगढ़ की देश के अन्य हिस्सों से कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी। इसका लाभ आम यात्रियों के साथ प्रदेश की औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी मिलेगा।
उद्योग और व्यापार को मिलेगी नई गति
स्वीकृत रेल परियोजनाएं कोयला, सीमेंट, लोहा और इस्पात सहित महत्वपूर्ण वस्तुओं के परिवहन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। मल्टीट्रैकिंग से रेल नेटवर्क की माल ढुलाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। तीनों परियोजनाओं से कुल मिलाकर प्रतिवर्ष लगभग 27 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता विकसित होने का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ खनिज और औद्योगिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। ऐसे में बेहतर रेल और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेगा। माल परिवहन अधिक सुगम होने से उद्योगों को बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधा मिलेगी और प्रदेश में निवेश, व्यापार तथा रोजगार के नए अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
पर्यटन और आस्था के प्रमुख केंद्रों तक बेहतर होगी पहुंच
इन परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ सहित संबंधित क्षेत्रों के महत्वपूर्ण पर्यटन, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की रेल कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा। इनमें अचानकमार टाइगर रिजर्व, मल्हार का पुरातात्विक स्थल, रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर और खुटाघाट बांध सहित अनेक प्रमुख स्थल शामिल हैं। बेहतर कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी मजबूती मिलेगी।
पीएम गति शक्ति के विजन को मिलेगी मजबूती
ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप तैयार की गई हैं। इनका उद्देश्य मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना तथा लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाना है।
रेलवे पर्यावरण-अनुकूल और ऊर्जा-कुशल परिवहन का महत्वपूर्ण माध्यम है। इन तीनों परियोजनाओं से देश में लगभग 12 करोड़ लीटर तेल आयात की बचत तथा करीब 62 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है, जो लगभग 2.48 करोड़ वृक्ष लगाने के पर्यावरणीय प्रभाव के बराबर है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मजबूत रेल नेटवर्क किसी भी राज्य के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। नई रेल परियोजनाएं प्रदेश में सुगम आवागमन, मजबूत कनेक्टिविटी और औद्योगिक प्रगति को गति देते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
About Babuaa
Categories
Contact
0771 403 1313
786 9098 330
babuaa.com@gmail.com
Baijnath Para, Raipur
© Copyright 2019 Babuaa.com All Rights Reserved. Design by: TWS
- ज़रा हटके
- टॉप न्यूज़
- एंटरटेनमेंट
- लाइफस्टाइल
- विचार
- ऐतिहासिक
- खेल
- राजनीति
- देश-विदेश
- फोटोज़
- वीडियोस
- लेख
- संपादक की पसंद
- Research
- DPR Chhattisgarh
- West Bengal Election Result Update
- Assam Election Result Update
- Tamilnadu Election Result Update
- Kerala Election Result Update
- Puducherry Election Result Update
- राज्य
