रायगढ़: राष्ट्रीय राजमार्ग 49 के रायगढ़ जिले की अधिग्रहित भूमियों का इंद्राज पूर्ण

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रायगढ़।  प्रदेश चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रियल एसोसिएशन छतीसगढ़ की रायगढ़ शाखा ने दिनांक 4 नवंबर 2024 को राज्य के मुख्यमंत्री श्रीमान विष्णुदेव साय जी को पत्र लिखकर उनका ध्यान आकर्षित किया था की राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 49 रायगढ़ के राजस्व अभिलेखों में रेखांकित नहीं है। तथा इन्हीं राजमार्गों के पूर्व के अधिग्रहण की भूमि भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं होने के कारण कुछ स्वार्थी भूमि विक्रेता इस बात का फायदा उठाकर अपनी अधिग्रहित भूमियों को भी राजस्व विभाग की मेहरबानी से अन्य लोगों को विक्रय कर रहे हैं।  जिसके कारण विवादित प्रकरणों की संख्या बढ़ती जा रही है साथ ही  उन्होंने यह भी आग्रह किया था की मध्य मार्ग से दोनों ओर निर्धारित भूमि पर कोई निर्माण नहीं किए जाने हेतु भी स्पष्ट निर्देश जारी करें।  जिससे भविष्य में फिर से अधिग्रहण की आवश्यकता पड़ने पर वह भूमि बगैर निर्माण के ही खुली अवस्था में शासन को प्राप्त हो सके और निर्माण हटाने की जटिल और पीड़ा दायक  प्रक्रिया से लोगों को राहत मिले। उन्होंने इसी आवेदन को दिनांक 23/03/2025 को मुख्यमंत्री जनदर्शन कार्यक्रम में भी प्रस्तुत करते हुए उनसे निवेदन किया था तथा इसी प्रकार का एक निवेदन पत्र माननीय सर्वोच्च न्यायालय को भी प्रेषित किया था।  इस कड़ी में दिनांक 5 जून 2026 को कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी रायगढ़ द्वारा यह लिखित उत्तर सूचना प्रदेश चेम्बर  को प्रेषित करते हुए लिखा कि राष्ट्रीय राजमार्ग 49 के अंतर्गत प्रभावित ग्रामों में संपादित हुई भू अर्जन की प्रक्रिया के फल स्वरुप अर्जित भूमि के अभिलेख दुरुस्ती करण की कार्यवाही पूर्ण करते हुए प्रभावित खसरों को अजर्क  निकाय के नाम पर दुरुस्त कर लिया गया है।  प्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स ने परीक्षण किया तो लगभग भूमियों का इंद्राज सुनिश्चित हो चुका है परंतु फिर भी कुछ भूमियां  अभी भी उन्ही पुराने भू मालिकों के नाम पर दर्ज हैं जो अधिग्रहित भूमि का मुआवजा भी प्राप्त कर चुके हैं। अतः प्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने उन सभी भूमि मालिकों से निवेदन किया है कि वह इस बात का पता लगाएं कि उनकी भूमि की इंद्राज स्थिति अब क्या है और उनकी भूमि का अधिग्रहण इंद्राज सही-सही दर्ज हो चुका है अथवा नहीं यदि ऐसा हो चुका है तो कृपया  वह अपना भी रिकार्ड दुरुस्त कर ले और यदि नहीं हो पाया है तो कृपया अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रायगढ़ को एक लिखित आवेदन प्रस्तुत करें और उसकी सूचना हमें भी उपलब्ध करावें  ताकि हम  इस बात को राजस्व विभाग और राजस्व मंत्रालय तक पहुंच सके।  इस कार्य में थोड़ी मेहनत लगेगी परंतु भविष्य के भूमि विवादों से बचा जा सकता है।  पीसीसीआइए  के अध्यक्ष हीरा मोटवानी एवं महामंत्री राजेश अग्रवाल ने इस कार्य हेतु माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  एवं उनकी जनदर्शन टीम तथा राजस्व विभाग रायगढ़ का धन्यवाद ज्ञापित किया है। 

 

 

 

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