किसान संगठनों के अनुसार,अब तक कुल 24 राजनीतिक पार्टियाँ मंगलवार यानी आज 8 दिसंबर को बुलाये गये भारत बंद’ के समर्थन की घोषणा कर चुकी हैं। लेकिन किसान नेताओं ने समर्थन में आये सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वो इस आंदोलन का राजनीतिक इस्तेमाल ना करें। किसानों की माँगों को सही ठहराते हुए कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों समेत क्षेत्रीय स्तर पर मज़बूत - डीएमके, टीआरएस, सपा, बसपा,आरजेडी, शिवसेना,एनसीपी, अकाली दल, आप,जेएमएम और गुपकर गठबंधन ने "भारत बंद" का समर्थन किया है। सोमवार शाम को, प्रेस से बात करते हुए किसान यूनियन (क्रांतिकारी) के अध्यक्ष दर्शन पाल सिंह ने कहा था,हम सभी राजनीतिक दलों का शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने हमारी माँगों का समर्थन किया,उन्हें सही माना, पर हम उनसे अपील करेंगे कि मंगलवार को जब वो ‘भारत बंद’ के समर्थन में आयें, तो अपने झंडे-बैनर घर छोड़कर आयें, और सिर्फ़ किसानों का साथ दें।

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किसान संगठनों के अनुसार,अब तक कुल 24 राजनीतिक पार्टियाँ मंगलवार यानी आज 8 दिसंबर को बुलाये गये भारत बंद’ के समर्थन की घोषणा कर चुकी हैं। लेकिन किसान नेताओं ने समर्थन में आये सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वो इस आंदोलन का राजनीतिक इस्तेमाल ना करें। किसानों की माँगों को सही ठहराते हुए कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों समेत क्षेत्रीय स्तर पर मज़बूत - डीएमके, टीआरएस, सपा, बसपा,आरजेडी, शिवसेना,एनसीपी, अकाली दल, आप,जेएमएम और गुपकर गठबंधन ने "भारत बंद" का समर्थन किया है। सोमवार शाम को, प्रेस से बात करते हुए किसान यूनियन (क्रांतिकारी) के अध्यक्ष दर्शन पाल सिंह ने कहा था,हम सभी राजनीतिक दलों का शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने हमारी माँगों का समर्थन किया,उन्हें सही माना, पर हम उनसे अपील करेंगे कि मंगलवार को जब वो ‘भारत बंद’ के समर्थन में आयें, तो अपने झंडे-बैनर घर छोड़कर आयें, और सिर्फ़ किसानों का साथ दें।


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