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किसान ठीक एक महीने पहले सिंघु बॉर्डर पर 26 नवंबर को जुटे थे। तब नवंबर की सर्दी इतनी नहीं चुभती थी। जितनी की आज 26 दिसंबर की सर्द हवा चुभती है। सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर में पिछले एक महीने में टेंट और ट्रैक्टर में किसानों की पूरी गृहस्थी बस गई है। लेकिन उनके इरादे अभी नही डोले हैं. किसान इन तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग पर बरकरार हैं। इस बीच किसानों और सरकार के बीच पांच से छह राउंड की वार्ता हुई लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हो पाया है।
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