सुप्रीम कोर्ट ने भले मोदी सरकार के तीन नए कृषि क़ानूनों पर फ़िलहाल रोक लगा दी है लेकिन आंदोलनकारी किसानों का विरोध-प्रदर्शन अभी थमा नहीं है। बुधवार को लोहड़ी के मौक़े पर आंदोलनकारी किसानों ने विवादित कृषि क़ानून की कॉपियाँ जलाईं।

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सुप्रीम कोर्ट ने भले मोदी सरकार के तीन नए कृषि क़ानूनों पर फ़िलहाल रोक लगा दी है लेकिन आंदोलनकारी किसानों का विरोध-प्रदर्शन अभी थमा नहीं है। बुधवार को लोहड़ी के मौक़े पर आंदोलनकारी किसानों ने विवादित कृषि क़ानून की कॉपियाँ जलाईं।

इस बीच अब तक साफ़ नहीं हो पाया है कि 15 जनवरी को केंद्र सरकार से तय अगले चरण की बातचीत हो पाएगी या नहीं। बुधवार को दिल्ली से लगी सीमाओं पर किसानों के प्रदर्शन के 50 दिन पूरे हो गए।

किसान संगठन अपनी माँग पर अडिग हैं कि विवादित कृषि क़ानून रद्द किए जाएं। इसके साथ ही किसान ये भी माँग कर रहे हैं कि उनकी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी मिले और इसके लिए अनिवार्य क़ानून बनाया जाए। केंद्र सरकार से इन्हीं विवादों को सुलझाने के लिए अब तक आठ चरणों की वार्ता हुई है लेकिन सब नाकाम रही हैं।


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