एक फरवरी 2021 को बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैड बैंक बनाने की घोषणा की थी। बैड बैंक को ही ARC या असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी कहते हैं।माना जा रहा है कि जून तक बैड बैंक अपना काम शुरू कर देगा। इंडियन बैंकिंग सेक्टर के लिए यह अच्छी खबर है क्योंकि ARC बैंकों के बैड लोन को खरीदता है और अपने तरीके से रिकवरी करता है। बैड बैंक बेचने के कारण बैंकों का बैलेंसशीट क्लिन हो जाता है और उसके लिए नए सिरे से लोन बांटना, बिजनेस करना आसाान होता है।

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एक फरवरी 2021 को बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैड बैंक बनाने की घोषणा की थी। बैड बैंक को ही ARC या असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी कहते हैं।माना जा रहा है कि जून तक बैड बैंक अपना काम शुरू कर देगा। इंडियन बैंकिंग सेक्टर के लिए यह अच्छी खबर है क्योंकि ARC बैंकों के बैड लोन को खरीदता है और अपने तरीके से रिकवरी करता है। बैड बैंक बेचने के कारण बैंकों का बैलेंसशीट क्लिन हो जाता है और उसके लिए नए सिरे से लोन बांटना, बिजनेस करना आसाान होता है।

बैंकों का बैलेंसशीट क्लिन होगा तो वह खुलकर कारोबार कर पाएगा और तेजी से लोन बांट पाएंगे।बैड बैंक बैंकों के NPA को कम कीमत पर खरीद लेता है।इससे बैंकों के पास लिक्विडिटी भी बढ़ जाएगी।NPA नहीं रहने पर बैंकों को प्रोविजनिंग भी नहीं करना होगा। अभी प्रोविजनिंग के कारण हजारों करोड़ अनयूज्ड रहते हैं। इस बात को भी ध्यान में रखने की जरूरत है कि रिजर्व बैंक फिलहाल रेपो रेट बढ़ाने के मूड में नहीं दिख रहा है।इस तरह सिस्टम में जब लिक्विडिटी बढ़ेगी तो आने वाले दिनों में लोन लेना और सस्ता होगा।


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