व्हाट्सएप को अपने प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर बीतें कई महीनों से विवादों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच अब केंद्र सरकार ने व्हाट्सएप को बड़ा झटका दिया है। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने व्हाट्सएप को अपनी नई पॉलिसी को वापस लेने का आदेश दिया है। मंत्रालय ने इस संबंध में व्हाट्सएप कंपनी के प्रबंधन को एक पत्र भी भेजा है।

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व्हाट्सएप को अपने प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर बीतें कई महीनों से विवादों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच अब केंद्र सरकार ने व्हाट्सएप को बड़ा झटका दिया है। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने व्हाट्सएप को अपनी नई पॉलिसी को वापस लेने का आदेश दिया है। मंत्रालय ने इस संबंध में व्हाट्सएप कंपनी के प्रबंधन को एक पत्र भी भेजा है।

 लेटर में मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी भारतीय यूजर्स की निजता, डाटा सिक्योरिटी के अधिकार को खत्म करने वाली है। पत्र में कहा गया है कि करोड़ों भारतीय यूजर्स कम्यूनिकेशन के लिए प्रमुख रूप से व्हाट्सएप पर निर्भर हैं। व्हाट्सएप की नई पॉलिसी को लागू करके कंपनी ने गैर-जिम्मेदार होनेा का प्रमाण दिया है।

IT मंत्रालय ने व्हाट्सएप को एक सप्ताह के अंदर नोटिस का जवाब देने के लिए कहा है, नहीं तो कानून के मुताबिक उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, यूरोप में और भारत में व्हाट्सएप यूजर्स के लिए पॉलिसी अलग अलग है। भारत सरकार ने इसे भारतीय यूजर्स के साथ भेदभाव बताया है। भारत सरकार का कहना है कि व्हाट्सएप की पॉलिसी गैर-जिम्मेदाराना है, व्हाट्सएप अपनी पहुंच का फायदा उठा रहा है और भारतीय यूजर्स पर गलत शर्तें थोप रहा है।

आपको बता दें कि व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में कई याचिकाएं भी दाखिल की गई हैं। इसी मामले पर केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट को सुनवाई के दौरान कहा कि व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी भारतीय आईटी कानून और नियमों का उल्लंघन करती है। केंद्र की दलील है कि व्हाट्सएप अपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी में भारतीय और यूरोपीय यूजर्स में फर्क कर रहा है। इस मामले पर अगली सुनवाई अब तीन जून को होगी।


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