देश में कोरोना लहर के दौरान हर तरफ की मारामारी देखी गई. कई राज्यों में इसकी जमकर कालाबाजारी हुई. वहीं पुलिस ने नकली रेमडिसीवीर इंजेक्शन भी जब्त किए. कम प्रोडक्शन होने के चलते ये इंजेक्शन केंद्र सरकार की तरफ से दी जा रही थी. लेकिन सरकार ने ऐलान किया है कि अब राज्य सरकार खुद अपनी जरूरत के हिसाब से ये इंजेक्शन खरीद सकती है.

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देश में कोरोना लहर के दौरान हर तरफ की मारामारी देखी गई. कई राज्यों में इसकी जमकर कालाबाजारी हुई. वहीं पुलिस ने नकली रेमडिसीवीर इंजेक्शन भी जब्त किए. कम प्रोडक्शन होने के चलते ये इंजेक्शन केंद्र सरकार की तरफ से दी जा रही थी. लेकिन सरकार ने ऐलान किया है कि अब राज्य सरकार खुद अपनी जरूरत के हिसाब से ये इंजेक्शन खरीद सकती है.

रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शनिवार को रेमडिसीवीर इंजेक्शन को लेकर ऐलान किया कि सरकार ने राज्यों को रेमडेसिविर के केंद्रीय आवंटन को बंद करने का फैसला किया है. साथ ही उन्होंने कहा कि नेशनल फार्मास्युटिकल्स प्राइसिंग एजेंसी और सीडीएससीओ को देश में रेमडेसिविर की उपलब्धता पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है

मंडाविया ने सोशल मीडिया पर ऐलान करते हुए लिखा, 'मुझे आप सभी को ये बताते हुए खुशी और संतुष्टि हो रही है कि रेमडेसिविर का उत्पादन दस गुना बढ़ गया है. पीएम मोदी के कुशल नेतृत्व में 11 अप्रैल 2021 को हर रोज़ 33,000 इंजेक्शन की वायल बन रही थी. लेकिन अब हर रोज़ ये बढ़ कर साढ़े 3 लाख पहुंच गया है. '


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