सऊदी अरब की जेल में तीन साल से कैद एक और सामाजिक कार्यकर्ता को रिहा कर दिया गया है। लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता नसीमा अल-सदा की रिहाई के बाद समार बदावी को भी रिहा किए जाने की ख़बरें हैं। 

सऊदी अरब ने एक और सामाजिक कार्यकर्ता को रिहा किया

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सऊदी अरब की जेल में तीन साल से कैद एक और सामाजिक कार्यकर्ता को रिहा कर दिया गया है। लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता नसीमा अल-सदा की रिहाई के बाद समार बदावी को भी रिहा किए जाने की ख़बरें हैं। 

खाड़ी क्षेत्र की ख़बरें देने वाली कई न्यूज़ वेबसाइट्स ने इसकी पुष्टि की है। सऊदी अरब में मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन अल-खलीज अल-जदीद ने इन दोनों कार्यकर्ताओं की रिहाई की जानकारी ट्विटर पर दी है।

समार बदावी सऊदी अरब की उन शुरुआती महिलाओं में से थीं जिन्होंने महिलाओं को ड्राइविंग, वोट देने और चुनावों में भाग लेने के हक को लेकर एक पिटीशन पर दस्तखत किए थे। सऊदी अरब में साल 2014 से उन पर यात्रा प्रतिबंध लागू कर दिया गया था।

समार को पहले भी कई बार गिरफ्तार किया जा चुका है। साल 2018 में कनाडा ने सऊदी अरब से समार बदावी को रिहा करने की मांग की थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संकट की स्थिति पैदा हो गई।

सऊदी अरब ने कनाडा के राजदूत को निष्कासित कर दिया था और ओटावा से अपने राजदूत को बुला लिया था। समार के भाई और ब्लॉगर राइफ बदावी भी इंटरनेट पर विवादास्पद विचार साझा करने के लिए दस साल जेल की कैद काट रहे हैं।


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