दिल्ली: सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 66ए के तहत केस दर्ज न करने के लिए सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आग्रह किया है। इसके लिए एक प्रेस रिलीज भी जारी किया गया है। गृह मंत्रालय ने अनुरोध करते हुए कहा है कि अगर केस दर्ज किए जा चुके हैं तो उन्हें तुरंत ही ख़त्म कर देना चाहिए। बता दें कि धारा 66ए बहुत पहले ही रद्द की जा चुकी है। इस धारा के अंतर्गत अगर कोई भी व्यक्ति इंटरनेट पर अपमानजनक संदेश पोस्ट करता तो उन्हें जुर्माने के साथ तीन साल तक की जेल की सज़ा हो सकती थी।

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दिल्ली: सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 66ए के तहत केस दर्ज न करने के लिए सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आग्रह किया है। इसके लिए एक प्रेस रिलीज भी जारी किया गया है। गृह मंत्रालय ने अनुरोध करते हुए कहा है कि अगर केस दर्ज किए जा चुके हैं तो उन्हें तुरंत ही ख़त्म कर देना चाहिए। बता दें कि धारा 66ए बहुत पहले ही रद्द की जा चुकी है। इस धारा के अंतर्गत अगर कोई भी व्यक्ति इंटरनेट पर अपमानजनक संदेश पोस्ट करता तो उन्हें जुर्माने के साथ तीन साल तक की जेल की सज़ा हो सकती थी।


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