भवानीपुर में ममता बनर्जी की जीत कोई मुद्दा नहीं थी. हमारा लक्ष्य था जीत के अंतर को बढ़ाना और भवानीपुर से पूरे देश को संदेश देना. टीएमसी को इसमें भारी कामयाबी मिली है. अब हमारा लक्ष्य वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को दिल्ली की कुर्सी से हटाना है. वही असली जीत होगी."

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भवानीपुर में ममता बनर्जी की जीत कोई मुद्दा नहीं थी. हमारा लक्ष्य था जीत के अंतर को बढ़ाना और भवानीपुर से पूरे देश को संदेश देना. टीएमसी को इसमें भारी कामयाबी मिली है. अब हमारा लक्ष्य वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को दिल्ली की कुर्सी से हटाना है. वही असली जीत होगी."

पहले दिन से ही भवानीपुर में ममता के चुनाव अभियान का जिम्मा संभालने वाले तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने उपचुनाव के नतीजे के एलान के बाद ये बात कही.

उधर, रिकॉर्ड वोटों से जीत हासिल करने के बाद ममता ने कहा, "भवानीपुर के लोगों ने नंदीग्राम की साज़िश का जवाब दे दिया है."

टीएमसी नेता की इस टिप्पणी ने पार्टी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एजेंडा साफ कर दिया है. भवानीपुर सीट पर रिकॉर्ड जीत दर्ज कर ममता ने अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है.

महज 57 फीसदी मतदान के बावजूद उन्होंने इस सीट पर बीजेपी उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल को करीब 59 हजार वोटों के अंतर से पराजित कर दिया है.


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