महामारी के कारण करीब दो साल से मंदी की मार झेल रहे सराफा कारोबारियों के चेहरे पर रौनक लौटी है.परंतु ऑटो मोबाइल सेक्टर के लिए यह त्योहार पहले जैसा नहीं रहा. 

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महामारी के कारण करीब दो साल से मंदी की मार झेल रहे सराफा कारोबारियों के चेहरे पर रौनक लौटी है.परंतु ऑटो मोबाइल सेक्टर के लिए यह त्योहार पहले जैसा नहीं रहा. 

महामारी की वजह से पिछले करीब दो साल से मंदी की मार झेल रहे सराफा कारोबारियों के चेहरे पर दिवाली से पहले रौनक देखने को मिली. धनतेरस के दिन मंगलवार को देशभर के सराफा बाजार खरीदारों से गुलजार रहे और सोने-चांदी की जमकर खरीदारी हुई. हालांकि, वाहन बिक्री के लिहाज से यह त्योहारी सीजन एक दशक में सबसे खराब रहा.

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के मुताबिक, धनतेरस के दिन देशभर में सोने और चांदी की खुदरा बिक्री 7,500 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई, जो महामारी पूर्व स्तर (2019) से ज्यादा है। इस दिन करीब 15 टन सोने के आभूषणों की बिक्री हुई. इससे पहले 2020 में धनतेरस के दिन 3,500 से 4,000 करोड़ रुपये की खुदरा बिक्री हुई थी, जबकि 2019 में यह आंकड़ा 4,500 करोड़ रुपये था.

वहीं, फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के अध्यक्ष विंकेश गुलाटी ने कहा कि त्योहारी सीजन के बावजूद वाहनों की बिक्री रफ्तार नहीं पकड़ रही है. बाजार में मांग के बावजूद उत्पादन और आपूर्ति नहीं हो पा रही है. इसकी प्रमुख वजह चिप संकट है। हालांकि, एमजी मोटर ने धनतेरस के दिन मिड साइज एसयूवी एस्टर कार की 500 से ज्यादा डिलीवरी की. 


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