कुवैत के अमीर शेख़ नवाफ़ अल-अहमद अल-सबा ने रविवार को सरकार का इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया.

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कुवैत के अमीर शेख़ नवाफ़ अल-अहमद अल-सबा ने रविवार को सरकार का इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया.

सरकारी समाचार एजेंसी कुवैत न्यूज़ एजेंसी (केयूएनए) ने इस बार में बताया कि देश के शासक (अमीर) राजकोषीय सुधारों में बाधा डालने वाले सांसदों के साथ अपना विवाद ख़त्म करना चाहते हैं.

प्रधानमंत्री शेख सबा अल-ख़ालिद अल-सबा ने मार्च में बनी अपनी सरकार का इस्तीफ़ा बीते शनिवार को सौंपा था.

कुवैत न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, अमीर के एक फ़रमान में निवर्तमान सरकार से नई सरकार के कार्यभार संभालने तक काम करते रहने को कहा गया था.

असहमति की मुख्य वजह संसद द्वारा कई मुदृों पर प्रधानमंत्री से सांसदों के सवाल पूछने पर 2022 के अंत तक अस्थायी रोक लगा देना रही.

इनमें कोविड-19 महामारी और भ्रष्टाचार से निपटने जैसे मसले शामिल हैं. इस चलते सरकार की आय बढ़ाने और वैश्विक बाजारों को साधने के लिए आवश्यक कर्ज़ क़ानून बनाने के प्रयासों में बाधा उत्पन्न हो गई.

पिछले साल तेल की कम क़ीमत और कोरोना के चलते सरकार की आमदनी पर काफी असर पड़ा था. और वैश्विक बाजारों को साधने के लिए आवश्यक ऋण कानून बनाएं.


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