संसदीय कार्यवाही के प्रति सांसदों की गंभीरता का नमूना लोकसभा में देखने को मिला। अपराध की जांच की प्रकृति और संस्कृति में अहम बदलाव लाने वाले दंड प्रक्रिया (पहचान) बिल पेश करने के दौरान सोमवार सदन से दो तिहाई सांसद गायब थे। बिल पर मतविभाजन के दौरान सरकार की प्रतिष्ठा इसलिए बच गई, क्योंकि विपक्ष के भी दो तिहाई सांसद सदन में मौजूद नहीं थे।

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संसदीय कार्यवाही के प्रति सांसदों की गंभीरता का नमूना लोकसभा में देखने को मिला। अपराध की जांच की प्रकृति और संस्कृति में अहम बदलाव लाने वाले दंड प्रक्रिया (पहचान) बिल पेश करने के दौरान सोमवार सदन से दो तिहाई सांसद गायब थे। बिल पर मतविभाजन के दौरान सरकार की प्रतिष्ठा इसलिए बच गई, क्योंकि विपक्ष के भी दो तिहाई सांसद सदन में मौजूद नहीं थे।

इस बिल पर विपक्ष के मतविभाजन की मांग के समय 543 सदस्यीय लोकसभा में एक तिहाई से भी कम (178) सदस्य ही मौजूद थे। इस दौरान दोनों पक्षों के सांसद ही नहीं, वरिष्ठ नेता तक सदन में मौजूद नहीं थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सत्ता पक्ष के कई नेता गोवा में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में गए थे। जबकि सदन में इस दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मुलायम सिंह यादव, एचडी देवगौड़ा, फारूक अब्दुल्ला जैसे वरिष्ठ नेता भी मौजूद नहीं थे।


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