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भारत में खुदरा निवेशकों ने पिछले तीन हफ्तों में 15 लाख करोड़ रुपये एक झटके में गंवा दिए। इस नुकसान की वजह कमोडिटी की कीमतों में वृद्धि, सुस्त अर्थव्यवस्था और यूक्रेन संकट है। इनमें कई निवेशकों ने पहली बार बाजार में उत्साह के साथ निवेश किया था, पर उन्हें निराशा हाथ लगी। हमारे देश के कई युवा निवेशक अपनी बचत को म्यूचुअल फंड और इक्विटी में लगाते हैं, जबकि अन्य आकर्षक बचत योजनाओं का रुख करते हैं, जिसमें धोखाधड़ी की आशंका रहती है। इस दौरान सूचीबद्ध शीर्ष कॉरपोरेट ने भी अपनी चमक गंवाई है।
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