मणिपुर सरकार के अधिकारियों का कहना है कि जैसे जैसे समय बीतता जा रहा है वैसे वैसे नोने ज़िले में हुई के बाद मलबे के ढेर के नीचे फंसे हुए लोगों के ज़िंदा बचने की संभावनाएं कम होती जा रही हैं. राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव एस एम ख़ान ने मिडिया से बात करते हुए कहा कि गीली मिटटी की वजह से ज़िंदा होने की संभावनाएं कम हो गई हैं. वो कहते हैं कि अगर मलबा सूखा होता तो उसमे एयर पॉकेट बनने की संभावना थी.

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मणिपुर सरकार के अधिकारियों का कहना है कि जैसे जैसे समय बीतता जा रहा है वैसे वैसे नोने ज़िले में हुई के बाद मलबे के ढेर के नीचे फंसे हुए लोगों के ज़िंदा बचने की संभावनाएं कम होती जा रही हैं. राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव एस एम ख़ान ने मिडिया से बात करते हुए कहा कि गीली मिटटी की वजह से ज़िंदा होने की संभावनाएं कम हो गई हैं. वो कहते हैं कि अगर मलबा सूखा होता तो उसमे एयर पॉकेट बनने की संभावना थी.

आज मलबे के ढेर से राहत और बचाव दाल के कर्मियों ने कुल 10 शव बरामद किए हैं जिसमे ज़्यादातर टेर्रीटोरियल आर्मी के जवान ही थे.

इसी के साथ अब तक कुल 18 शव बरामद किए जा चुके हैं. जबकि 18 घायल लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. घायलों में पांच लोग रेलवे कर्मचारी और मज़दूर हैं.


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