विदेशी निवेशक (FII) एक सरकारी कंपनी के शेयरों पर बुलिश हैं। यह कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) है। कंपनी के शेयर पिछले साल अगस्त के पहले हफ्ते में 52 हफ्ते के हाई लेवल 145.90 रुपये पर पहुंचे थे। इसके बाद, शेयर बाजार में सेल (SAIL) के शेयरों की खूब पिटाई हुई और कंपनी के शेयरों ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर अपना 52 हफ्ते का नया निचला स्तर 63.60 रुपये बनाया। लेकिन, हाल के दिनों में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (FII) की सेल के शेयरों में दिलचस्पी बढ़ी है, जिससे सरकारी कंपनी के शेयरों में तेजी का रुख है। पिछले 5 दिन में कंपनी के शेयर एनएसई पर करीब 7 पर्सेंट चढ़ गए हैं।

feature-top

विदेशी निवेशक (FII) एक सरकारी कंपनी के शेयरों पर बुलिश हैं। यह कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) है। कंपनी के शेयर पिछले साल अगस्त के पहले हफ्ते में 52 हफ्ते के हाई लेवल 145.90 रुपये पर पहुंचे थे। इसके बाद, शेयर बाजार में सेल (SAIL) के शेयरों की खूब पिटाई हुई और कंपनी के शेयरों ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर अपना 52 हफ्ते का नया निचला स्तर 63.60 रुपये बनाया। लेकिन, हाल के दिनों में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (FII) की सेल के शेयरों में दिलचस्पी बढ़ी है, जिससे सरकारी कंपनी के शेयरों में तेजी का रुख है। पिछले 5 दिन में कंपनी के शेयर एनएसई पर करीब 7 पर्सेंट चढ़ गए हैं।

लॉन्ग टर्म इनवेस्टर्स लगा सकते हैं शेयरों पर दांव

स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सेल (SAIL) और दूसरे मेटल शेयरों में हाल के सेशंस में डिमांड में तेज गिरावट और ग्लोबल मर्चेंडाइज में मेटल के प्राइस के कारण कमजोरी आई है। इसके अलावा, सरकार ने स्टील पर 15 पर्सेंट एक्सपोर्ट ड्यूटी लगा दी है, जिससे भी मेटल कंपनियों को झटका लगा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मीडियम से लॉन्ग टर्म में स्टील की डिमांड पटरी पर लौट आएगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबी अवधि का नजरिया रखने वाले निवेशक मौजूदा लेवल्स से शेयरों को एक्युमुलेट करना शुरू कर सकते हैं।


feature-top