एनसीआर का पॉल्यूशन कंट्रोल करने के लिए डीजल ऑटो मालिकों के व्यापार को झटका लगने वाला है. दरअसल, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में चलने वाले डीजल ऑटो को चलन से हटाने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के बिना पेट्रोल-डीजल भी नहीं मिलेगा. अगले 5 वर्षों में एनसीआर को वायु प्रदूषण से मुक्त करने का प्लान है।

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एनसीआर का पॉल्यूशन कंट्रोल करने के लिए डीजल ऑटो मालिकों के व्यापार को झटका लगने वाला है. दरअसल, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में चलने वाले डीजल ऑटो को चलन से हटाने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के बिना पेट्रोल-डीजल भी नहीं मिलेगा. अगले 5 वर्षों में एनसीआर को वायु प्रदूषण से मुक्त करने का प्लान है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगातार बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार प्रयासरत है. हर साल बड़ी संख्या में लोग पॉल्यूशन की वजह से अस्थमा और टीबी जैसी बीमारी का शिकार होते हैं. दिसंबर 2021 में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को पॉलिसी बनाने का निर्देश दिया था, जिसके बाद आयोग ने लोगों से प्रदूषण खत्म करने के सुझाव मांगे थे. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए अपनी नीति घोषित कर दी है. इसके तहत एनसीआर में 1 जनवरी 2023 से औद्योगिक कार्यों में कोयले के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने घोषणा की गई है. पूरी दिल्ली, हरियाणा के 14 जिले, उत्तर प्रदेश के 8 जिले और दो राजस्थान के जिलों में इस नीति का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं.


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