कॉमनवेल्थ में हरियाणा का जलवा:पहलवानों ने लगाई मेडलों की झड़ी

feature-top

कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा के पहलवानों ने शनिवार को पदकों की झड़ी लगा दी। ओलिंपियन रवि दहिया, विनेश फोगाट सरीखे पहलवानों से तो गोल्ड की उम्मीद थी ही, लेकिन नवीन कुमार मलिक, पूजा गहलावत और दीपक नेहरा जैसे ऐसे पहलवानों ने भी गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर हरियाणा की माटी की महक को विश्वभर में फैला दिया, जो पहली बार इतने बड़े मुकाबलों में उतरे थे।

मात्र 5 घंटों में ही एक के बाद एक म्हारे पहलवानों ने 3 गोल्ड, 2 ब्रॉन्ज देश की झोली में डाल दिए। इस बीच बॉक्सर अमित पंघाल भी 6वां मेडल पक्का कर गए। अब रविवार को वे गोल्ड के लिए अपने पंच का दम दिखाने उतरेंगे। पूरे देश ने 2 दिन में खेलों की दुनिया में हरियाणा का जलवा और यहां के दूध दही का दम देख लिया है। पूजा गहलावत और दीपक नेहरा के सेमीफाइनल में ही हारने के बाद लगने लगा था कि अब इनसे किसी मेडल की उम्मीद बेमानी है, लेकिन दोनों ब्रॉन्ज मेडल के लिए मैट पर उतरे और जीते भी।

कुश्ती का मतलब ही हरियाणा कॉमनवेल्थ में जिस तरह दो दिन में म्हारे पहलवानों ने दे दना दन पदक जीते हैं, उससे तो देश भर में कुश्ती का मतलब ही हरियाणा हो कर रह गया है। शुक्रवार को बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, दीपक पूनिया और सुधीर ढा़ेचक ने गोल्ड अपने नाम किया था, वहीं अंशु मलिक ने सिल्वर और मोहित ग्रेवाल ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इनमें से सुधीर पावर लिफ्टिंग का पैरा खिलाड़ी है और शेष सभी रेसलर हैं।

2 दिन में 7 गोल्ड समेत 12 मेडल दो दिन में हरियाणा के हिस्से 7 गोल्ड, दो सिल्वर (पंघाल समेत) और 3 ब्रॉन्ज मेडल आ चुके हैं। कॉमनवेल्थ में हरियाणा अभी तक विभिन्न गेमों में 25 से ज्यादा मेडल हथिया चुका है। वर्ष 2018 के कॉमनवेल्थ में मेडलों की कुल संख्या 22 थी। पिछला रिकार्ड ध्वस्त कर अभी कई और खिलाड़ी मेडल की लाइन में हैं। मेडलों की झोली भरने से खुश हरियाणा सरकार ने भी खिलाड़ियों को सम्मानित करने का एलान कर दिया है।

विनेश फोगाट का तीसरा गोल्ड विनेश फोगाट ने विमेंस 50 KG वेट कैटेगरी में भारत को गोल्ड मेडल दिला दिलाया। ये भारत के लिए बर्मिंघम गेम्स में 11वां गोल्ड मेडल है। वही, कुश्ती में भारत का पांचवां सोना है। विनेश का ये कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरा गोल्ड है। उन्होंने 2014 और 2018 में भी सोना जीता था।

गीता-बबीता की चचेरी बहन सोनीपत की बहू विनेश फोगाट दो बार ओलिंपिक खेल चुकी हैं। कॉमनवेल्थ में 2 स्वर्ण पदक, एशियाई खेलों में एक स्वर्ण पदक उनके नाम है। 2019 में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता और 2021 में एशियन चैंपियन में विजेता रही। भिवानी के बलाली गांव की विनेश अपनी चचेरी बहन गीता फोगाट और बबीता कुमारी के नक्शे क़दम पर चल रही है। उनके चाचा महावीर सिंह फोगाट ने बहुत ही कम उम्र में उनको कुश्ती के दांव पेंच सिखाने शुरू कर दिए थे। उनकी शादी 13 दिसंबर 2018 को सोनीपत के फरमाना गांव के पहलवान सोमबीर राठी से हुई है। फिलहाल परिवार के साथ दिल्ली रहती है।

 


feature-top