पेड़ लगाने पर पांच यूनिट मुफ्त बिजली, निजी क्षेत्र में 75 फीसदी नौकरियां स्थानीय लोगों को

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झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने 76 वें स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में कहा कि देश की संस्कृति में नफरत और अलगाववाद का कोई स्थान नहीं है। मजबूत झारखंड के निर्माण के प्रयास जारी है, ताकि जिन जन आकांक्षाओं को लेकर यह अलग राज्य बनाया गया था, वे पूरी की जा सकें। उन्होंने कहा कि शहरों में हरित क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए एक पेड़ लगाने पर पांच यूनिट मुफ्त बिजली देने की तैयारी की जा रही है। वहीं, निजी क्षेत्र में 40 हजार से ज्यादा वेतन वाली 75 फीसदी नौकरियां स्थानीय लोगों को देने का कानून बनाया गया ।

उन्होंने कहा कि नए रोजगार कानून के तहत प्रत्येक नियोक्ता को 40,000 रुपये तक के मासिक वेतन वाले पदों पर 75 फीसदी स्थानीय उम्मीदवारों को नियुक्त करना होगा। सोरेन ने कहा कि मैंने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकार के तहत रिक्त पदों को शीघ्र भरने की कार्रवाई की जाए। स्कूलों में शिक्षक और प्रयोगशाला सहायक आदि के 37 हजार पद खाली हैं। इसके लिए विशेष अभियान चलाकर इन पदों पर नियुक्ति के लिए अगले छह माह में भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने का काम शुरू कर दिया गया है।

रांची के मोराबादी मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए सोरेन ने कहा कि पिछले 75 वर्षों के दौरान आदिवासियों और दलितों को सामाजिक, आर्थिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया, लेकिन समतामूलक समाज की स्थापना का लक्ष्य अभी हासिल नहीं किया जा सका है। उन्होंने भगत सिंह के आदर्शों को याद करते हुए कहा कि हम इस लक्ष्य को तब तक हासिल नहीं कर सकते जब तक हम किसी अन्य व्यक्ति द्वारा व्यक्ति के शोषण को रोकने में सफल नहीं होते।


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