कोरब मे किसान सभा और भूविस्थापित रोजगार एकता संघ ने संयुक्त रूप से एसईसीएल के सभी क्षेत्रों में भू विस्थापितों के लिए रोजगार और पुनर्वास एवं प्रभावित गांवों की मूलभूत समस्याओं का निराकरण करने की मांग पर तानसेन चौक से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन किया तथा 20 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी।

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कोरब मे किसान सभा और भूविस्थापित रोजगार एकता संघ ने संयुक्त रूप से एसईसीएल के सभी क्षेत्रों में भू विस्थापितों के लिए रोजगार और पुनर्वास एवं प्रभावित गांवों की मूलभूत समस्याओं का निराकरण करने की मांग पर तानसेन चौक से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन किया तथा 20 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी।

किसान सभा के जिला सचिव प्रशांत झा ने बताया कि जिला प्रशासन की मदद से एसईसीएल के कुसमुंडा, गेवरा, कोरबा, दीपका क्षेत्र द्वारा पूर्व में कई गांवों का अधिग्रहण किया गया था, इसलिए भू विस्थापितों की समस्याओं के लिए जिला प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन दोनों ही जिम्मेदार हैं। इन समस्याओं की ओर कई बार जिला प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया गया है, लेकिन इन समस्याओं के निराकरण के प्रति कोई भी गंभीर नहीं है।

उल्लेखनीय है कि कुसमुंडा में जमीन के बदले रोजगार की मांग को लेकर 328 दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है। पूरे खनन क्षेत्र में रोजगार, पुनर्वास और ग्रामीण समस्याओं को हल करने की मांग को लेकर लगातार आंदोलन हो रहे हैं। किसान सभा के जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर तथा जय कौशिक का आरोप है कि लेकिन जिला प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों से भाग रही है और भूविस्थापितों को गुमराह करने का काम कर रही है। किसी भी पुनर्वास ग्राम में बुनियादी मानवीय सुविधाओं के साथ बसाहट नहीं दी गई है और न ही यहां के लंबित रोजगार प्रकरणों का निराकरण किया गया है। भूविस्थापित रोजगार एकता संघ के अध्यक्ष रेशम यादव सचिव दामोदर श्याम तथा रघु ने कहा कि जिनकी जमीन एसईसीएल ने ली है उन्हें बिना किसी शर्त के रोजगार दिया जाये क्योंकि जमीन ही उनके जीने का एकमात्र सहारा था।


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