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चुनावी बॉन्ड के जरिए राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदा के मामले पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। एससी ने कहा कि वह 6 दिसंबर को इस पर गौर करेगा कि मौजूदा कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सुनवाई के लिए बड़ी पीठ को भेजा जाए या नहीं। जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस बी वी नागरत्न की बेंच ने यह भी कहा कि यह महत्वपूर्ण मामला है और उसने इस पर अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल से सहयोग मांगा। केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ के समक्ष कहा कि चुनावी बॉन्ड के जरिए चंदा हासिल करने का तौर-तरीका बहुत पारदर्शी है। चुनावी बॉन्ड को राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे में पारदर्शिता लाने के प्रयास के तहत नकदी चंदे के विकल्प के तौर पर लाया गया है।
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