मध्य प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से साल भर पहले पार्टी ने सरकार और संगठन की व्यापक समीक्षा करनी शुरू कर दी है। भाजपा अभी राज्य में सत्ता में है, पर वह पिछला विधानसभा चुनाव हार गई थी। बाद में जोड़-तोड़ कर उसने सत्ता हासिल की है। ऐसे में पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व सारे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए चुनावी रणनीति पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

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मध्य प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से साल भर पहले पार्टी ने सरकार और संगठन की व्यापक समीक्षा करनी शुरू कर दी है। भाजपा अभी राज्य में सत्ता में है, पर वह पिछला विधानसभा चुनाव हार गई थी। बाद में जोड़-तोड़ कर उसने सत्ता हासिल की है। ऐसे में पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व सारे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए चुनावी रणनीति पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने इस महीने की शुरुआत में ही मध्यप्रदेश में रातापानी अभ्यारण के विश्राम गृह में प्रदेश के प्रमुख नेताओं के साथ 11 घंटे लंबी मंथन बैठक कर सरकार और संगठन दोनों स्तर पर समीक्षा की है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य के नेताओं को साफ कर दिया है कि अगले एक साल में जनता में नीचे तक सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का संदेश पहुंचना चाहिए।


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