गुजरात उच्च न्यायालय ने 'मोदी उपनाम' मामले में राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार करते हुए सत्र न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा है, जहां उन्हें दो साल की कैद की सजा सुनाई गई है। एचसी को बताया गया कि मुकदमा ख़राब हो गया था, यह सजा न तो नैतिक अधमता का अपराध है और न ही इसमें कोई गंभीर अपराध शामिल है, जैसा कि विभिन्न निर्णयों के तहत परिभाषित किया गया है।

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गुजरात उच्च न्यायालय ने 'मोदी उपनाम' मामले में राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार करते हुए सत्र न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा है, जहां उन्हें दो साल की कैद की सजा सुनाई गई है। एचसी को बताया गया कि मुकदमा ख़राब हो गया था, यह सजा न तो नैतिक अधमता का अपराध है और न ही इसमें कोई गंभीर अपराध शामिल है, जैसा कि विभिन्न निर्णयों के तहत परिभाषित किया गया है।


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