- Home
- टॉप न्यूज़
- छत्तीसगढ़ के 20 हजार से अधिक गांवों में भू-सर्वे को बनाया जा रहा है त्रुटि रहित
छत्तीसगढ़ के 20 हजार से अधिक गांवों में भू-सर्वे को बनाया जा रहा है त्रुटि रहित
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के कैडस्ट्रल नक्शों का जियो रिफ्रेंसिंग एवं डिजिटाइजेशन परियोजना भी संचालित की जा रही है। जिसमें राज्य का सम्पूर्ण हिस्सा सर्वेक्षित हो जाएगा और एक डिजिटल डेटा बेस तैयार किया जा सकेगा। यह जियो रिफ्रेंसिंग कार्य डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (डीजीपीएस) सर्वेक्षण से किया जा कर सैटेलाईट ईमेज से किया जा रहा है।
राज्य में संचालित की जा रही कैडस्ट्रल नक्शों का जियो रिफ्रेंसिंग एवं डिजिटाईजेशन परियोजना के अंतर्गत 20 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में भूमि का सर्वेक्षण का काम होगा। अब तक महासमुंद, धमतरी, कबीरधाम, मुंगेली, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, बलौदाबाजार, कोरबा सहित 9 जिलों के 4375 गांवों की भूमि का जियो रिफ्रेंसिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इस परियोजना में छत्तीसगढ़ में भू-सर्वे को त्रुटि रहित बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक जिओ रिफ्रेंसिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तकनीक में छोटी से छोटी भूमि का लॉन्गीट्यूड और एटीट्यूड के माध्यम से वास्तविक भूमि चिन्हांकित करना आसान हो जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस नई तकनीक के इस्तेमाल को अपनी मंजूरी दी गई है, इसके लिए बजट में प्रावधान भी कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जियो रिफ्रेंसिंग एवं डिजिटाईजेशन परियोजना में राज्य का सम्पूर्ण हिस्से का सर्वेक्षण किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम की सीमा का सेटेलाईट इमेज पर त्रुटि रहित चिन्हांकन होगा। इससे प्रत्येक ग्राम का राजस्व अभिलेख की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण किया जाना संभव हो सकेगा।
परियोजना के माध्यम से भू-सर्वे का कार्य त्रुटि रहित होने के साथ-साथ बंदोबस्त त्रुटि सुधार प्रकरणों का तेजी से निराकण किया जा सकेगा। सीमांकन कार्य में भूमि संबंधी विवादों का सही-सही निराकरण किया जा सकेगा। जियो-रिफेरेसिंग कार्य से वर्तमान में उपलब्ध पटवारी नक्शा तथा स्थल पर भिन्नता का आंकलन कर उनका निराकरण भी किया जा सकेगा। सीमांकन-नामांतरण, बटवारा संबंधी न्यायालयीन प्रकरणों में कमी आएगी। प्रधानमंत्री गति सक्ती योजना के क्रियान्वयन में भी तेजी आएगी। कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण और जल संसाधन आदि विभागों की परि-सम्पत्तियां को आसानी से चिन्हांकित किया जा सकेगा।
भू-सर्वे सत्यापन की प्रक्रिया के लिए राजस्व विभाग द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया जा रहा है, कलेक्टर को सर्वेक्षण अधिकारी के रूप में अधिकृत किया गया है। सर्वेक्षण अधिकारी के मार्ग-दर्शन में उप-सर्वेक्षण अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सहायक सर्वेक्षण अधिकारी तहसीलदार कार्य करेंगे। राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी कलेक्टर के परिवेक्षण में तथा एसडीएम, तहसीलदार के निर्देश में जारी प्रपत्र अनुसार सत्यापन कर नक्शे एवं स्थल के मध्य की भिन्नता को दूर करेंगे।
पटवारियों द्वारा ऐसे 15-20 अनडिस्पियूड ग्राउंउ कंट्रोल प्वाइंटस को मिलान किया जाएगा जो खसरा मैप और सेटेलाईट इमेज में समान रूप से मिलते हैं। जियो-रिफ्रेंसिंग खसरा नक्शों में खसरा नंबर मूल पटवारी नक्शों से मिलान किया जाएगा, प्रत्येक खसरा के रिकॉर्ड एरिया एवं जीआईएस एरिया का मिलान किया जाएगा, ग्राम के सीमा से लगे अन्य ग्रामों की सीमा की ओवरलेपिंग एवं गेप की जांच एवं निराकरण किया जाएगा।
About Babuaa
Categories
Contact
0771 403 1313
786 9098 330
babuaa.com@gmail.com
Baijnath Para, Raipur
© Copyright 2019 Babuaa.com All Rights Reserved. Design by: TWS
- ज़रा हटके
- टॉप न्यूज़
- एंटरटेनमेंट
- लाइफस्टाइल
- विचार
- ऐतिहासिक
- खेल
- राजनीति
- देश-विदेश
- फोटोज़
- वीडियोस
- लेख
- संपादक की पसंद
- Research
- DPR Chhattisgarh
- West Bengal Election Result Update
- Assam Election Result Update
- Tamilnadu Election Result Update
- Kerala Election Result Update
- Puducherry Election Result Update
- राज्य
