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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक तिहार तीजा के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। श्री साय ने सभी तीजहारिन माताओं और बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ में तीज, त्यौहारों की एक समृद्ध परम्परा है। यहां हरितालिका तीजा तिहार बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। माताएं-बहनें तीजा मनाने ससुराल से मायके आती हैं। महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए तीजा पर्व के एक दिन पहले करूभात ग्रहण कर निर्जला व्रत रखती हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने से सुहागिन स्त्रियों को शिव-पार्वती अखंड सौभाग्य का वरदान देते हैं, वहीं कुंवारी लड़कियों को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है।  मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी तीजा तिहार की बधाई

05 Sep 2024 01:22PM,
by: Babuaa Desk
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  आमतौर पर ये माना जाता है कि एक शिक्षक जिंदगी भर शिक्षक रहता है ।अगर हम विद्यालय,महाविद्यालय या किसी प्रशिक्षण संस्था की बात करे तो विषय विशेष के ही शिक्षक विद्यार्थी को छात्र जीवन में मिले है। बहुत कम ऐसे शिक्षक देखे जाते है जिनका ज्ञान क्षेत्र विस्तृत होता है। शैक्षणिक संस्थानों सहित जीतने भी सीखने के क्षेत्र में गुरुजन है उनके ज्ञान की सीमा निर्धारित होती है। आदिकाल में देखे तो मनुष्य की सबसे बड़ी गुरु प्रकृति ही थी जिससे सीखने का क्रम शुरू हुआ। रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत सुविधा के लिए प्रकृति से ही अनाज, छाल - चमड़ा,गुफा का ज्ञान मिला । वक्त के साथ आवश्यकता सृजित हुई तो आविष्कार ने जन्म लिया। जात न पूछो गुरु की

05 Sep 2024 12:54PM,
by: Babuaa Desk