Tikendra Sinha

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बस्तर अंचल में तेंदूपत्ता को हरा सोना माना जाता है, जो वनांचल के संग्राहकों की अतिरिक्त आय का मुख्य जरिया है। गर्मी के दिनों में जब ग्रामीणों के पास न तो खेतों में काम होता है और न ही घर में कुछ काम, तब इसी तेंदूपत्ता यानी हरा सोना का संग्रहण उन्हें मेहनत एवं संग्रहण के आधार पर भरपूर पारिश्रमिक देता है। वनांचल में रहने वाले ग्रामीणों के लिये तेंदूपत्ता के प्रति मानक बोरा की दर में हुई वृद्धि भी खुशियां जगा दी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा तेंदूपत्ता का प्रति मानक बोरा राशि 5500 रुपए किए जाने के बाद संग्राहकों में अपार खुशी है। वहीं तेंदूपत्ता संग्राहकों को तेंदूपत्ता पारिश्रमिक राशि स्थानीय स्तर पर बैंक सखियों के माध्यम से भुगतान होने के फलस्वरूप विशेषकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के संग्राहकों को बहुत सहूलियत हो रही है। इसे मद्देनजर रखते हुए बस्तर कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में जिले के अंदरूनी इलाके के संग्राहकों को तेंदूपत्ता पारिश्रमिक राशि का भुगतान बैंक मित्र और बैंक सखियों के माध्यम से किया जा रहा है। तेंदूपत्ता सीजन 2024 में संग्रहित तेंदूपत्ता का 36 हजार 229 संग्राहकों को 12 करोड़ 43 लाख 95 हजार 749 रुपए पारिश्रमिक राशि अपने गांव के बैंक मित्र एवं बैंक सखियों द्वारा की जा रही है।

25 Jul 2024 01:13PM,
by: Tikendra Sinha
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नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 20 से 22 जुलाई तक  सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाले अंतर्राष्ट्रीय कृषि एवं उद्यानिकी पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मेले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बस्तर अंचल के महिला कृषक को लाईफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। वहीं उद्यानिकी के क्षेत्र में नवाचार तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले छत्तीसगढ़ के पांच कृषकों को भी सम्मानित किया गया है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने उद्यानिकी के क्षेत्र में वनांचल क्षेत्रों सहित प्रदेश के किसानों को अंतर्राष्ट्रीय मेले में अवार्ड मिलने पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी।   

25 Jul 2024 01:12PM,
by: Tikendra Sinha