Tikendra Sinha

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सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं वाहन चालकों में यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूकता लाने यातायात पुलिस रायपुर द्वारा स्टीकर अभियान की शुरुआत की गई है जिसके तहत यातायात नियमों से संबंधित कुल 6 प्रकार के स्टीकर तैयार किया गया है जो वाहन चालकों को वाहन चलाने के पूर्व यातायात नियमों का पालन करने के लिए सतर्क करेगा। उक्त स्टिकर अभियान का शुभारंभ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिला रायपुर श्री प्रशांत कुमार अग्रवाल द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 53 स्थित अग्रसेन धाम चौक में 2 पहिया एवं चार पहिया वाहनो में स्टीकर लगाकर किया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रायपुर श्री जयप्रकाश बढ़ई उप पुलिस अधीक्षक यातायात रायपुर श्री गुरजीत सिंह थाना प्रभारी यातायात तेलीबांधा श्री नीलकंठ वर्मा एवं यातायात पुलिस के अधिकारी कर्मचारी गण उपस्थित रहे। 

06 Feb 2023 10:02AM,
by: Tikendra Sinha
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छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित पवित्र धार्मिक नगरी राजिम में प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक पंद्रह दिनों का मेला लगता है। राजिम में तीन नदियों का संगम है इसलिए इसे त्रिवेणी संगम भी कहा जाता है, यहाँ मुख्य रूप से तीन नदियां बहती हैं, जिनके नाम क्रमशः महानदी, पैरी नदी तथा सोंढूर है। संगम स्थल पर कुलेश्वर महादेव जी विराजमान है। राज्य शासन द्वारा वर्ष 2001 से राजिम मेले को राजीव लोचन महोत्सव के रूप में मनाया जाता था, वर्ष 2005 से इसे कुम्भ के रूप में मनाया जाता रहा था, और अब 2019 से राजिम माघी पुन्नी मेला के रूप में मनाया जा रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ शासन धर्मस्व एवं पर्यटन विभाग एवं स्थानीय आयोजन समिति के तत्वाधान में होता है। मेला की शुरुआत कल्पवास से होती है। पखवाड़े भर पहले से श्रद्धालु पंचकोशी यात्रा प्रारंभ कर देते हैं पंचकोशी यात्रा में श्रद्धालु पटेश्वर, फिंगेश्वर, ब्रम्हनेश्वर, कोपेश्वर तथा चम्पेश्वर नाथ के पैदल भ्रमण कर दर्शन करते हैं तथा धुनी रमाते हैं। 101 कि॰मी॰ की यात्रा का समापन होता है और माघ पूर्णिमा से मेला का आगाज होता है। इस वर्ष 5 फरवरी माद्य पूर्णिमा से 18 फरवरी 2023 महाशिवरात्रि तक राजिम माद्यी पुन्नी मेला आयोजित किया गया है। राजिम माघी पुन्नी मेला में विभिन्न जगहों से हजारांे साधू संतों का आगमन होता है, प्रतिवर्ष हजारो की संख्या में नागा साधू, संत आदि आते हैं, तथा विशेष पर्व स्नान तथा संत समागम में भाग लेते हैं, प्रतिवर्ष होने वाले इस माघी पुन्नी मेला में विभिन्न राज्यों से लाखों की संख्या में लोग आते हैं और भगवान श्री राजीव लोचन तथा श्री कुलेश्वर नाथ महादेव जी के दर्शन करते हैं और अपना जीवन धन्य मानते हैं। लोगो में मान्यता है कि भगवान जगन्नाथपुरी जी की यात्रा तब तक पूरी नही मानी जाती, जब तक भगवान श्री राजीव लोचन तथा श्री कुलेश्वर नाथ के दर्शन नहीं कर लिए जाते, राजिम माघी पुन्नी मेला का अंचल में अपना एक विशेष महत्व है।

04 Feb 2023 12:25PM,
by: Tikendra Sinha