राजनीति

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छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र हंगामे और शोर शराबे की भेंट चढ़ गया। विधानसभा की कार्यवाही को अनिश्चतकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सत्र को 5 दिन चलना था, लेकिन सत्र को 2 दिन पहले ही तीसरे दिन ही अनिश्चिकाल के लिए स्थगित करना पड़ा। आज सदन में प्रश्नकाल के बाद से ही धर्मांतरण और आरक्षण के मुद्दे पर शोर शराबा हो रहा था। कई बार कार्रवाई को रोकनी पड़ी। आज धर्मांतरण और आरक्षण के मुद्दे पर हंगामे की वजह से करीब 1 घंटे तक सदन को स्थगित करना पड़ा। एक घंटे तक स्थगित होने के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। तो कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। भाजपा के विधायको ने सदन में चावल चोर के नारे लगाने लगे। उसके बाद गर्भगृह के पास धरने पर बैठे सभी विपक्ष के विधायक बैठ गये। इस दौरान बीजेपी विधायकों ने पर्ची फाड़ कर आसंदी की तरफ फेंका। हंगामा थमता नहीं देख विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। विधानसभा की कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

04 Jan 2023 10:01AM,
by: Babuaa Desk
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जनअधिकार महारैली के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधि मंडल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के नेतृत्व में राजभवन जाकर ज्ञापन सौंपकर आरक्षण संशोधन विधेयक पर शीघ्र हस्ताक्षर करने का आग्रह किया। ज्ञापन में कहा गया छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी, इस ज्ञापन के माध्यम से आपका ध्यान आरक्षण विधेयक की ओर आकृष्ट कराना चाहती है। राज्य की भूपेश बघेल सरकार ने सर्व समाज के हित में निर्णल लेते हुए प्रदेशवासियों को 76 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिलाये जाने का निर्णय लेकर विधानसभा के विशेष सत्र् में आरक्षण संशोधन विधेयक के माध्यम से प्रदेश के अनुसूचित जनजातियों को उनके आबदी के अनुपात में 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत और सामान्य वर्ग के गरीबों को 4 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने का विधेयक पारित कर, उसे कानूनी रूप दिये जाने हेतु पारित विधेयक आपके समक्ष प्रस्तुत किया गया है, जो आज लगभग एक माह से लंबित है। कांग्रेस ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

03 Jan 2023 01:54PM,
by: Babuaa Desk
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छत्तीसगढ़ में आरक्षण के मुद्दे पर सदन की कार्यवाही दूसरे दिन भी बाधित हुई। शून्यकाल के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने हंगामा शुरू किया। उनका कहना था विधानसभा से विधेयक पारित हुए एक महीने हो चुके हैं, फिर भी दस्तखत नहीं होने के कारण अब तक आरक्षण की व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है। भाजपा ने इस पूरे मामले में राज्य सरकार पर आरोप लगाया है। भाजपा विधायकों ने कहा कि राज्य सरकार ने बिना तैयारी के आरक्षण लागू किया। राज्यपाल के मांगने पर क्वांटिफाएबल डाटा आयोग की रिपोर्ट नहीं दे रहे। यहां तक कि सदन में भी रिपोर्ट नहीं रखी जा रही है। राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। इस मुद्दे पर पहले दस मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित की गई। इसके बाद जब कार्यवाही फिर शुरू हुई तो हंगामा जारी रहा। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाने की अपील की, लेकिन जब दोनों पक्ष शांत नहीं हुए तो उन्होंने कार्यवाही बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह तक स्थगित

03 Jan 2023 08:01AM,
by: Babuaa Desk