01 Feb 2023

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बस्तर के हरे-भरे क्षेत्र में नीली क्रांति से अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। प्रदेश के कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के तस्वीर बदलने लगी है। इस विकासखण्ड का पखांजूर क्षेत्र मत्स्य उत्पादन के नाम से देश में अपनी एक नई जगह बना रहा हैं। अब यह क्षेत्र देश में मछली पालन के नक्शे पर जाना पहचाना नाम है। यहां क्लस्टर एप्रोच पर मछली पालन किया जा रहा है। यह संभव हुआ है कि कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के पंखाजूर क्षेत्र के किसानों की मेहनत और शासन की योजनाओं के मदद के फलस्वरूप। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में बीते 4 वर्षों में छत्तीसगढ़ हर क्षेत्र में उत्तरोत्तर प्रगति कर रहा है और पूरे देश में छत्तीसगढ़ की एक नई पहचान स्थापित हो रही है।  नक्सल क्षेत्र की बदली तस्वीर

01 Feb 2023 01:55AM,
by: Babuaa Desk
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युवा उद्यमी, मशहूर गायिका और म्यूजिक कंपोजर सुश्री अनन्या बिड़ला आज छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा ‘जलवायु परिवर्तन के खिलाफ युवाओं की भूमिका’ विषय पर आयोजित पैनल डिस्कशन में शामिल हुईं। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में यूनिसेफ, एनएसएस, अनन्या बिड़ला फाउंडेशन और संज्ञा पीआर के सहयोग से पैनल डिस्कशन तथा लाइव बैंड का आयोजन किया गया था। पैनल डिस्कशन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री अनिल साहू और पर्यावरणविद एम.एल. नायक, अजय मिश्रा, श्वेता पटनायक, मंजरी शर्मा और तनुजा वर्मा शामिल हुए। श्री श्याम सुंदर पैनल डिस्कशन के मॉडरेटर थे। पैनल डिस्कशन के बाद सुश्री अनन्या बिड़ला ने लाइव बैंड पर अपनी प्रस्तुति भी दी जिसने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं को झूमने पर मजबूर किया।

01 Feb 2023 01:55AM,
by: Babuaa Desk
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भारत सरकार ने अंडमान निकोबार द्वीपसमूह के572 द्वीपसमूहो में से 21 द्वीपसमूहों का नाम देश के ऐसे 21 जांबाज़ योद्धाओं के नाम कर दिया है जिन्होंने भारत रत्न के बराबर या कहे उससे भी बड़ा सेना सम्मान- परमवीर चक्र प्राप्त किया है। युद्ध या युद्ध के समान ही विद्रोह की स्थिति में अपने जान की परवाह न कर देश की परवाह करने वाले सेना के तीनों अंग - थल,जल और नभ सेना के सामान्य सैनिक से लेकर सर्वोच्च अधिकारी के लिए जीवन मे बहुत कम अवसर आते है जब रक्षा के लिए अपना सर्वस्व लगाने का मौका मिलता है। जीवन और मृत्यु के बीच की दूरी जब धागे के मोटाई के बराबर शेष रह जाती है तब साहस की परीक्षा होती है और त्वरित बुद्धिमत्ता की भी, ऐसे 21 जांबाज़ बीते 75 साल में निकले जिन्हें देश का सर्वोच्च सैनिक सम्मान परमवीर चक्र प्राप्त हुआ है। देश के लोग ऐसे परमवीरो को कैसे याद रखे इस बारे में स्थाई तौर पर कभी भी सोंचा नही गया था। विशिष्ट शौर्य का परमवीर सम्मान

01 Feb 2023 01:17AM,
by: Babuaa Desk