06 Apr 2023

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किसी भी देश के संवैधानिक संस्था चाहे वह न्यायालय हो अथवा जांच एजेंसी के सामने कोई भी पदेन व्यक्ति चाहे वह मंत्री हो या अधिकारी या समृद्ध व्यापारी विशेष नहीं होता है बल्कि अन्य व्यक्ति के समान साधारण होता है। कानून की धाराओं में कृत्य औऱ उसके दंड के साथ साथ जांच एजेंसियों को जांच करने के लिए सक्षम बनाती है। हर विभाग के अधिकारी जो लोक सेवक होते है उन्हें स्वतंत्रता पूर्वक कार्य करने के लिए किसी स्थान में प्रवेश करने, तलाशी लेने और जप्त करने का अधिकार सौपती है। यह माना जाता हैं कि व्यवस्था को बनाये रखने और अनियमितता को रोकने के लिए अधिकारी सद्भावना पूर्वक कार्य करते है। सर्वोच्च न्यायालय : राजनीतिज्ञ "व्यक्ति विशेष" नहीं

06 Apr 2023 08:30AM,
by: Babuaa Desk