11 Oct 2021

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नवरात्रि विशेष के छठवें दिवस पर आज हम आपको अवगत कराते है माँ रमई के महिमा के बारे में, छत्तीसगढ़ गरियाबंद जिले के छुरा ब्लॉक के ग्राम बासीन खुर्द से 2 किलोमीटर की दूरी पर, हरी भरी वादियों के बीच पहाड़ी में रमईपाठ का पावन धाम पर मंदिर स्थित है, इस मंदिर के गर्भगृह में माँ रमई की प्रतिमा स्थापित है साथ में भगवान रुद्र भैरव, विष्णु व गादी माँ की प्रतिमा स्थापित की गई है, गर्भगृह के बाहर मंदिर परिसर में शिवलिंग, महाप्रभु जगन्नाथ व हनुमान जी का मंदिर भी है। यहाँ के पुजारी श्री बोधन नागे जी व मंदिर समिति के पूर्व सचिव श्री बलदाऊ नेताम जी ने बताया कि चैत्र व कुंवार नवरात्रि में माँ रमई के दर्शन करने श्रद्धालुओं का ताता लगा रहता है, साथ ही भक्तगण अपनी मनोकामनाएं लेकर दोनों नवरात्रि में ज्योत प्रज्वलित करवाते है । कहा जाता है कि जो संतान की प्राप्ति न होने से दुखी रहते है, यदि वे सच्चे मन से संतान प्राप्ति की कामना लेकर इस मंदिर पर आते है, तो माँ रमई उनकी विनती जरूर सुनती है। बहुत दूर-दूर से भक्तगण अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने यहाँ आते है । नवरात्री विशेष में "माँ रमई के दर्शन"

11 Oct 2021 08:11AM,
by: Naveen kumar sahu
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देश मे 1969 का साल राजनेतिक घटनाक्रम के बदलते परिवेश के साल था।कांग्रेस में विभाजन के साथ साथ एक नई शक्ति के रूप में इंदिरा गांधी का शिखर की ओर बढ़ने की प्रक्रिया भी अग्रसर हो रही थी। इसी दौर में ख्वाजा अहमद अब्बास ने एक फिल्म बनाई थी- सात हिंदुस्तानी। इस फिल्म में प्रख्यात कवि हरिवंश राय बच्चन के पुत्र भी एक हिंदुस्तानी थे। फिल्म आयी चली गयी।आखिर सातवें हिंदुस्तानी जो थे। ये दौर नाराजगी का दौर था।गुस्सा हवाओ में घुल रहा था।इधर फिल्मों में समान्तर रोमांस के साथ साथ एक असफल नायक को लेकर अनेक कलाकारों के द्वारा छोड़ी गई फिल्म में अवसर दिया गया। नाम था इस फिल्म का जंजीर। नाराज युग के महानायक

11 Oct 2021 06:02AM,
by: Naveen kumar sahu