16 Jun 2024

Generic placeholder image

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज चौथी बटालियन माना पहुंचकर गत दिवस नारायणपुर जिले में नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए जवान श्री नितेश एक्का के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने शहीद जवान के पार्थिव शरीर को कंधा देकर ससम्मान गृह ग्राम जशपुर जिले के चिरईडांड के लिए रवाना किया। 
      मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस मौके पर कहा कि नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में हुए नक्सली मुठभेड़ में हमारे वीर जवान ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। हमारी सरकार बनते ही हमने नक्सलियों के खिलाफ अपनी लड़ाई तेज कर दी है और हम निर्णायक लड़ाई लड़ रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी और हम क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए संकल्पित है।  नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई तेज, जवानों की शहादत नहीं जाएगी बेकार

16 Jun 2024 08:16AM,
by: Tikendra Sinha
Generic placeholder image

आम आदमी पार्टी में एक खास व्यक्ति हुए या बने इसकी रोचक कहानी चल ही रही है।इस कहानी में एक और खास व्यक्ति की एंट्री हुई है ये है भारतीय राजस्व सेवा से अनिवार्य सेवा निवृत्ति लेने वाली अधिकारी सुनीता केजरीवाल, सुनीता केजरीवाल, दिल्ली के तीन बार मुख्य मंत्री रहे अरविंद केजरीवाल की पत्नी है।सुनीता आमतौर पर राजनीति से दूर रहने वाली रही है। भारत के इतिहास में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों में अरविंद केजरीवाल पहले मुख्य मंत्री है जो पद पर रहते हुए प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा दिल्ली शराब घोटाले में गिरफ्तार किए गए हैं। अरविंद केजरीवाल विचित्र प्रकार की राजनीति करने वाले ढोंगी व्यक्ति माने गए है जिनके कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर है। अन्ना हजारे के विरोध के बावजूद अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी बनाई थी। सरकारी घर में न रहने, सरकारी कार न लेने के खोखले वादे से पलट सरकारी मकान में रहने, करोड़ो रुपए खर्च कर आलीशान बनाने और सरकारी कार में घूमने का काम किए। जिस भ्रष्ट्राचार के खिलाफ आंदोलन किए।पानी पी पीकर कांग्रेस को गाली दिए उसी के साथ गल बहियां डालकर दिल्ली में सरकार बनाए। आगे सरकार बनाए तो जन कल्याण के साथ साथ दिखावे के लिए अपनी पार्टी में गलत काम करने वालो को बाहर का रास्ता दिखाया।इससे पलट खुद भी और अपने आसपास के मंत्री, सांसद विधायको के साथ खुद भी भ्रष्ट्राचार में लिप्त हो गए। मुख्य मंत्री,सहित मंत्री, राज्य सभा के सांसद शराब घोटाले में लिप्त पाए जाने के आरोपी बने है। एक मंत्री तो साल भर के करीब से जमानत नहीं ले पा रहे है। खुद मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल अंतरिम जमानत मे चुनाव प्रचार के लिए बाहर निकले थे। खूब शोर गुल मचाए। दिल्ली सहित पंजाब में भी बुरी कदर हार गए। इंडिया गठबंधन में होकर दिल्ली में साथ साथ और पंजाब में एक दूसरे के खिलाफ लड़ने का काम अरविंद केजरीवाल ही कर सकते है। अरविंद केजरीवाल, राजनीति के कीचड़ को साफ करने आए थे।देश ने बड़ी उम्मीद भी की थी। दिल्ली के सड़को पर गुमटी वालो से लिए जाने वाले हफ्ता को बंद करवाया, मोहल्ला क्लीनिक चलाया, सरकारी स्कूलों का काया कल्प किया, महिलाओ को बस यात्रा मुफ्त में कराई।इन कार्यों को करते तो शायद सुचिता की राजनीति के पर्याय बनते। अरविंद केजरीवाल उसी कीचड़ में जा फंसे जिसे साफ करने का ढोंग कर रहे थे। उनके 2024के लोकसभा चुनाव के मतगणना के पहले जेल यात्रा(राजनीतिज्ञ लोगो की परिभाषा) में चले गए है। अब दिल्ली में बड़ी विकट स्थिति है। मुख्य मंत्री जेल से शासन चलाने पर आमादा है। उनके विश्वास पात्र सरकार चला रहे है।एक व्यक्ति पिछले दो महीनों से धीरे धीरे आप पार्टी में दखल देने का काम कर रही है वह है सुनीता केजरीवाल, (अरविंद केजरीवाल की जीवन साथी कह लीजिए) भारतीय राजस्व सेवा की अधिकारी रही महिला से कम से कम अच्छे कार्य की उम्मीद की जा सकती है लेकिन वे भी अरविंद केजरीवाल के साथ रहते रहते राजनीति का पाठ पढ़ जो किया जाए उचित है के रास्ते पर चल रही है। उनको इतनी तो अकल होना चाहिए था कि न्यायालयीन कार्यवाही का वीडियो न तो बनाया जा सकता है न ही उसे प्रचारित किया जा सकता है। ये न्यायालय का विशेषाधिकार है।वे अपनी कार्यवाही का सीधा प्रसारण कर ही रहे है लेकिन उसका किसी चैनल या सोशल मीडिया प्लेटफार्म में प्रसारण निजी व्यक्ति के द्वारा नहीं किया जा सकता है। ये कार्य न्यायालयीन अवमानना की श्रेणी में आता है। सुनीता केजरीवाल ने इस प्रकार का कार्य किया है। उन्हे न्यायालय से आदेश मिला है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म से तत्काल सारे वीडियो हटाए। पढ़े लिखे लोग इस प्रकार की सस्ती लोक प्रियता के लिए ऐसा बखेड़ा खड़ा करे तो शोचनीय है। कानून में एक सिद्धांत है कि जितना बड़ा वाहन उतनी बड़ी सावधानी। यही बात आम जीवन में लागू होती है। सुनीता केजरीवाल पढ़ी लिखी? पर भी लागू होती है।सावधानी हटी, दुर्घटना घटी पति तो पति पत्नी भी डेढ़ होशियार

16 Jun 2024 07:55AM,
by: Babuaa Desk
Generic placeholder image

विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) के विवाद को लेकर केंद्र पर निशाना साधा है। नीट मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अखिल भारतीय परीक्षा है। इस परीक्षा के कारण देश के कई हिस्सों में अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया है। नीट की शुरुआत से ही इसका विरोध कर रही डीएमके ने परीक्षा की पवित्रता को नष्ट करने के लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार केवल एक "दर्शक" है और कोचिंग सेंटरों का समर्थन कर रही है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "चुप्पी" पर सवाल उठाया है और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है।

16 Jun 2024 06:00AM,
by: Babuaa Desk