22 Nov 2020

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 रायपुर : गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा है कि अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस एक्शन में दिखे। उन्होंने कहा कि हर थाना क्षेत्रों में अपराधों की रोकथाम के लिए अनिवार्य रूप से रात्रिकालीन गश्त की जाए। मेडिकल और आबकारी अधिकारियों से समन्वय कर नशीली पदार्थो और अवैध शराब बिक्री पर सख्त कार्यवाही की जाए। साहू आज अपने रायपुर स्थित निवास कार्यालय में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए कानून व्यवस्था एवं अपराधों की रोकथाम की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय, अपर मुख्य सचिव गृह श्री सुब्रत साहू, पुलिस महानिदेशक श्री डी.एम. अवस्थी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

22 Nov 2020 01:19PM,
by: Thaneshwar sahu
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रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए विमान से आने जाने वाले यात्रियों का कोविड स्क्रीनिंग करने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डाॅ. कमलप्रीत सिंह ने रायपुर और बस्तर के कमिश्नरों और कलेक्टरों को आदेश भेजकर रायपुर एवं जगदलपुर (बस्तर) स्थित एयरपोर्ट पर यात्रियों की पूर्व में जारी कोविड गाईड लाइन के अनुसार कोरोना स्क्रीनिंग संबंधित निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश देश में कोरोना संक्रमण प्रभावित व्यक्तियों की संभावित वृद्धि को देखते हुए जारी किया गया है।

22 Nov 2020 12:20PM,
by: Thaneshwar sahu
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छत्तीसगढ़ की बहुमूल्य धरोहर समृद्ध हाथकरघा के रूप में अभिव्यक्त हो रही है और अपनी विविधता, गुणवत्ता एवं सुन्दरता के लिए प्रसिद्ध है। राजनांदगांव जिले के बुनकरों के हाथों के हुनर ने बेजोड़ कारीगरी से अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। शासन की पहल से विलुप्त हो रही छत्तीसगढ़ी परम्परागत लोधी बुनकारी कला को पुनर्जीवन मिला है। छुईखदान एवं गंडई के बुनकर मोहक डिजाइन के लोधी साड़ी का निर्माण कर रहे हैं, जिसकी अभी मार्केट में अच्छी डिमांड है। लोधी साड़ी को बड़ेभौराई साड़ी भी कहा जाता है। जिसमें खाप का प्रयोग करते हुए सिंघोलिया बूटी, मेयूर बूटी एवं डमरू की डिजाइन बनी हुई है, साथ ही पंचोलिया एवं प्रताप पर डिजाइन से सुसज्जित किया गया है। यह साड़ी शादी-विवाह के अवसर पर बहुतायत उपयोग किया जाता है। छुईखदान बुनकर सहकारी समिति मर्यादित के तहत निर्मित हाथकरघा उत्पाद फेब इंडिया नई दिल्ली में निर्यात किये जा रहे हैं। अनोखे रंग संयोजन से बने उम्दा फेब्रिक लोगों की पसंद बन रही है। इस वर्ष 150 बुनकरों को 70 लाख 64 हजार राशि की प्राप्त हुई है, जिनसे उनकी आर्थिक स्थिति सशक्त हुई है। शासन द्वारा बेडशीट एवं गणवेश के लिए वस्त्र क्रय किया गया है, वहीं कोरोना संक्रमण के बावजूद 10 लाख वस्त्र तैयार किए गए हैं, जो फेब इंडिया को भेजे जा रहे हैं। वहीं वस्त्रों का शासकीय कार्यों के लिए सप्लाई किया गया है। विलुप्त हो रही लोधी साड़ी बुनकारी कला को मिला पुनर्जीवन

22 Nov 2020 11:48AM,
by: Thaneshwar sahu