रायगढ़

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सेवा, त्याग और राष्ट्रभक्ति के प्रेरणास्रोत हैं स्वामी श्रद्धानंद जीः राज्यपाल श्री रमेन डेका
आर्ष गुरुकुल तुरंगा में बलिदान शताब्दी महोत्सव संपन्न

पुसौर विकासखंड के ग्राम तुरंगा स्थित आर्ष गुरुकुल आश्रम में स्वामी श्रद्धानंद के पावन बलिदान के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में ‘स्वामी श्रद्धानंद बलिदान महामहोत्सव एवं राष्ट्र रक्षा महायज्ञ’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान तथा छत्तीसगढ़ महतारी की वंदना ‘अरपा पैरी के धार’ के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के राज्यपाल श्री रमेन डेका उपस्थित रहे। उन्होंने यज्ञ कुंड का दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
       राज्यपाल श्री डेका ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी श्रद्धानंद जी एक महान समाज सुधारक, प्रखर शिक्षाविद् और वीर स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने भारतीय समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। राज्यपाल ने कहा कि स्वामी जी आर्य समाज के प्रमुख स्तंभ थे और उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि वर्ष 1902 में स्थापित गुरुकुल कांगड़ी के माध्यम से स्वामी जी ने प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति और आधुनिक विषयों का समन्वय प्रस्तुत किया, जो आज भी प्रासंगिक है।
       राज्यपाल ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद जी ने छुआछूत, जातिवाद और सामाजिक भेदभाव जैसी कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष किया। वे ‘शुद्धि आंदोलन’ के प्रणेता थे, जिसका उद्देश्य उन लोगों को उनकी मूल सांस्कृतिक पहचान से पुनः जोड़ना था, जो विभिन्न कारणों से उससे दूर हो गए थे। उन्होंने वर्तमान शिक्षा पद्धति में नैतिक एवं चारित्रिक मूल्यों की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं से आह्वान किया कि जीवन का लक्ष्य केवल करियर निर्माण न होकर समाज सेवा और आत्मसंतोष भी होना चाहिए। राज्यपाल ने जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने संस्थान के ‘अन्नपूर्णा भवन’ निर्माण हेतु भूमि पूजन किया। साथ ही श्रीमती मल्लिका चतुर्भुज को संस्थान के विकास के लिए 10 एकड़ भूमि दान करने पर विशेष रूप से सम्मानित किया।
        लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने राज्यपाल के आगमन को क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बताया और कहा कि स्वामी जी की शहादत राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक संरक्षण का संदेश देती है। श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि स्वामी जी ने धर्मांतरण के प्रयासों का विरोध कर अनेक लोगों को सनातन परंपरा से पुनः जोड़ा। श्री कपिलदेव शास्त्री ने स्वामी जी के उत्तराखंड में संचालित शुद्धि आंदोलन के ऐतिहासिक प्रसंगों को साझा किया। उन्होंने बताया कि आज भी इस संस्थान में पूर्वोत्तर भारत के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथियों को शाल, श्रीफल एवं स्वामी जी का छायाचित्र भेंटकर सम्मानित किया गया।

21 Feb 2026 12:52PM,
by: Heera Motwani
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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के आदिवासी बाहुल्य एवं सुदूर वनांचल क्षेत्र लैलूंगा विकासखंड के ग्राम-कुंजारा में शीघ्र ही एएनएम नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना होने जा रही है। यह पहल न केवल क्षेत्र में उच्च एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा के नए द्वार खोलेगी, बल्कि वर्षों से मुख्यधारा से वंचित आदिवासी, अनुसूचित जाति तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की सशक्त नींव भी रखेगी।
         
 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा यह अभिनव पहल उत्खनन प्रभावित क्षेत्र में रोजगारपरक एवं व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जा रही है। राज्य शासन के रोजगार उन्मुख अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित इस एएनएम नर्सिंग महाविद्यालय का संचालन देश की प्रतिष्ठित संस्था पैनआईआईटी एलुमनी फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।
 महाविद्यालय की शुरुआत प्रथम वर्ष में 120 सीटों के साथ की जाएगी। शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने से पूर्व उपलब्ध शासकीय भवन का महाविद्यालयीन मानकों के अनुरूप जीर्णोद्धार एवं आवश्यक संधारण कार्य जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से कराया जाएगा। इससे अल्प समय में ही संचालन के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार हो सकेगी।
पैनआईआईटी एलुमनी फाउंडेशन द्वारा संचालित इस नर्सिंग महाविद्यालय में उच्च गुणवत्ता की शिक्षण सामग्री, आधुनिक प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। छात्राओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया जाएगा, ताकि वे राष्ट्रीय स्तर के चिकित्सा संस्थानों में कार्य करने के लिए पूर्णतः सक्षम बन सकें।
एएनएम नर्सिंग महाविद्यालय में प्रवेश के लिए विशेष चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसमें आदिवासी क्षेत्रों में निवासरत गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाली 12वीं उत्तीर्ण प्रतिभाशाली बेटियों को प्राथमिकता दी जाएगी। चयनित छात्राओं को संपूर्ण अध्ययन अवधि के दौरान शिक्षा, पुस्तकें, आवास, भोजन तथा महाविद्यालय आने-जाने की समुचित व्यवस्था राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन एवं कौशल ऋण के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
दो वर्षीय अध्ययन पूर्ण होने के बाद छात्राओं को नियोजन प्रक्रिया के माध्यम से शत-प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। उन्हें राज्य, जिला एवं देश के प्रतिष्ठित संस्थानों एवं अस्पतालों में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही छात्राएं भविष्य में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), चिकित्सा महाविद्यालयों एवं जिला अस्पतालों में शासकीय, संविदा अथवा अशासकीय सेवाओं में कार्य करने के लिए आवश्यक दक्षता अर्जित कर सकेंगी। राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर चयन का अवसर भी उनके लिए खुला रहेगा। रायगढ़ : लैलूंगा के कुंजारा में खुलेगा एएनएम नर्सिंग महाविद्यालय

13 Feb 2026 11:24AM,
by: Heera Motwani
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रायगढ़, 11 फरवरी । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन जिले में गौवंश की तस्करी पर पूर्णतः अंकुश लगाने और मवेशी तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने  "ऑपरेशन शंखनाद" रायगढ़ जिले में अनवरत जारी है ।  सभी थाना क्षेत्रों में मवेशी तस्करों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, इसी क्रम में लैलूंगा पुलिस ने पिछले तीन दिनों के भीतर  दूसरी त्वरित कार्रवाई की।  कल 10 फरवरी को लैलूंगा थाना प्रभारी ने अपने स्टाफ के साथ ग्राम करवारजोर में घेराबंदी कर एक मवेशी तस्कर को गिरफ्तार किया है।  पशु तस्करों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस ने चलाया "आपरेशन शंखनाद"

11 Feb 2026 11:06AM,
by: Heera Motwani