रायपुर

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सरकारी सेवा में रहते रहते भारत के संविधान के अनेक हिस्सो को पढ़ने का अवसर मिलता रहा । ये भी हमेशा विश्वास रहा कि व्यक्ति को देश के संविधान के प्रति गहरी निष्ठा रखनी चाहिए । सीधे साधे देशवासियों को संविधान से ज्यादा मतलंब नही होता है। वे ये भी मानते है कि संवैधानिक व्यवस्था से उन्हें क्या लेना देना है। जन्म लिए हर व्यक्ति को मरना ही है तो वे मरने के लिए खाते है, पीते है, जागते है सोते है और मर भी जाते है। लेकिन बहुत से व्यक्ति मेरे जैसे है जिनका द्रष्टिकोण जुदा है। वे सजग है, सतर्क है लेकिन अपने विरुद्ध बनते षड्यंत्र से अनभिज्ञ है। जब कुचक्र में फंसते है तो सिवाय संवैधानिक उपचार के अलावा कोई विकल्प शेष नही बचता है। हर व्यक्ति की समझ का एक स्तर होता है।कुछ लोग कुत्सित मानसिकता से भरे होते है जिनके मस्तिष्क में नकारात्मकता की जड़े इतनी गहरी होती है कि वे खाद पानी न भी डाले तो अमरबेल आपादमस्तक अपना घर बना लेती है। ऐसे लोग आपके प्रति एक सोंच निर्मित करते है और उसी सोंच को अभिव्यक्त करते है। इनके कारण अनेक व्यक्ति ऐसे कुचक्र में फंसते है और आगे भी फसेंगे क्योकि बिच्छु को कितनी बार पानी से निकालने की कोशिश करो वो कटेगा ही। ऐसे लोगो से निपटने के लिए आपको संवैधानिक अधिकार की ही मदद लेनी पड़ती है और आगे जरूरत भी पड़ेगी। आज़ादी के मेरे मायने

16 Aug 2023 03:02AM,
by: Babuaa Desk
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राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेवा (एमएनएस) के महासचिव अमेय खोपकर ने पाकिस्तानी नागरिक सीमा हैदर को उनकी पहली फिल्म को लेकर चेतावनी जारी की है। एक्स (जिसे पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था) खोपकर ने मराठी में लिखा, “हम अपने रुख पर कायम हैं कि एक पाकिस्तानी नागरिक को भारतीय फिल्म उद्योग में कोई जगह नहीं मिलनी चाहिए। सीमा हैदर एक पाकिस्तानी महिला हैं जो इस समय भारत में हैं। ऐसी भी खबरें थीं कि वह आईएसआई एजेंट थीं। हमारी इंडस्ट्री के कुछ नवोदित लोग प्रसिद्धि पाने के लिए उसी सीमा हैदर को अभिनेत्री बना रहे हैं। निर्माताओं को शर्म क्यों नहीं आती?”

14 Aug 2023 06:00AM,
by: Babuaa Desk