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क्रेडिट रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स ने कहा है कि अगले दो सालों के लिए भारत की क्रेडिट रेटिंग मौजूदा स्तर पर ही बनी रहेगी। साथ ही अगले कुछ सालों में भारत में विकास की गति थोड़ी तेज़ होगी जिससे इसकी सॉवरेन रेटिंग्स को समर्थन मिलेगा। स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (एसएंडपी) ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत रिकवरी को धीमा कर सकती है लेकिन इसका आर्थिक प्रभाव पिछले साल की तुलना में कम होगा।
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