इंग्लैंड में खेले जा रहे बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत को पहला पदक दिलाने वाले वेटलिफ्टर संकेत महादेव सरगर की सफल सर्जरी हो गई है. वेटलिफ्ट करते वक्त उन्हें कोहनी में गंभीर चोट आई थी. इसके बावजूद वह सिल्वर पदक जीतने में कामयाब रहे थे और कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का खाता खोला था. संकेत महादेव सरगर के पिता चाय बेचते हैं और पान की दुकान से होने वाली कमाई से घर चलाते हैं.

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इंग्लैंड में खेले जा रहे बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत को पहला पदक दिलाने वाले वेटलिफ्टर संकेत महादेव सरगर की सफल सर्जरी हो गई है. वेटलिफ्ट करते वक्त उन्हें कोहनी में गंभीर चोट आई थी. इसके बावजूद वह सिल्वर पदक जीतने में कामयाब रहे थे और कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का खाता खोला था. संकेत महादेव सरगर के पिता चाय बेचते हैं और पान की दुकान से होने वाली कमाई से घर चलाते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार गंभीर चोट की वजह से सर्जरी को लेकर परेशान पदक विजेता वेटलिफ्टर संकेत महादेव सरगर का सफलता पूर्वक ऑपरेशन संपन्न हो गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार संकेत की सर्जरी के लिए 30 लाख रुपयों की जरूरत थी. संकेत के परिजन बहुत चिंतित थे. लेकिन, खेल मंत्रालय ने एथलीट का ख्याल रखते हुए तुरंत कोहनी की सर्जरी के लिए 30 लाख रुपये मंजूर किए हैं.

वेटलिफ्टर संकेत महादेव सरगर की सर्जरी के लिए खेलमंत्रालय से राशि मंजूर होने पर स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने खेल मंत्रालय, सरकार, साई और वेटलिफ्टिंग फेडरेशन को शुक्रिया कहा. सिल्वर मेडलिस्ट संकेत सरगर को वेट लिफ्ट करते समय एल्बो में गहरी चोट आई थी, जिसके बाद उनका बर्मिंघम में ही ऑपरेशन किया गया है.


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