Tikendra Sinha

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श्रावण सोमवार पर आज पूरा प्रदेश शिव भक्ति के रंग में सराबोर रहा। राजधानी में भी शिवभक्ति की गूंज जगह-जगह सुनाई देती रही। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गुढ़ियारी में मारुति मंगल में दिव्य कांवड़ यात्रा में हिस्सा लिया। पारंपरिक अनुष्ठान तथा पूजा पाठ करने के पश्चात मुख्यमंत्री शिव भक्तों के साथ बैठे। पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ शिव जी के भजनों के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा। इस मौके पर लोकसभा सांसद श्री दीपक बैज, संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय, नगर निगम अध्यक्ष श्री प्रमोद दुबे भी मौजूद रहे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने अपने हाथों में जलाभिषेक का जल लिया और कांवड़ को अपने हाथों में लिया। पूरा परिसर ऊँ नमः शिवाय के नारों से गूंजता रहा। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों को थाप देकर भजनगायकों का उत्साह बढ़ाया। इस मौके पर कांवड़ यात्रियों से चर्चा में मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावण मास शिव जी का महीना है। शिव जी को आशुतोष भी कहते हैं। शिव जी बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावण सोमवार का दिन बहुत शुभ होता है। हम सब अपने आराध्य देवता को प्रसन्न करने जुटते हैं। लंबी कांवड़ यात्रा में जुटते हैं। प्रदेश में और देश भर में लोग दूर दूर से कांवड़ लेकर शिव जी पर जलाभिषेक करते हैं। यह अनुभव बहुत दिव्य होता है। आज गुढ़ियारी से जो कांवड़ यात्रा निकाली गई है वो दिव्य ही है इसलिए इसका नाम भी दिव्य कांवड़ यात्रा रखा गया है। मुख्यमंत्री ने दूर दूर से कांवड़ यात्रा में जुटे शिव भक्तों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह शुभ दिन आप सभी के जीवन में मंगल लेकर आये। आयोजकों ने बताया कि कांवड़ यात्रा का समापन महादेवघाट स्थित हटकेश्वर महादेव में जलाभिषेक कर किया जाएगा।

22 Aug 2023 01:12AM,
by: Tikendra Sinha
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छत्तीसगढ़ के लोगों की विशेषता है कि हम असहमति का भी सम्मान करते हैं। लोगों से मशविरा करते हैं और इसके बाद नीतियां तैयार करते हैं। जो अच्छी कार्यप्रणालियां हैं उन्हें यथावत रखते हैं, जिनमें कुछ त्रुटि है और सुधार की गुंजाइश है उन्हें ठीक करते हैं। हमारे भीतर यह सादगी इसलिए आई क्योंकि यह भूमि भगवान राम की ननिहाल है। यहां कबीर, गुरुघासीदास तथा विवेकानंद जैसे साधकों का असर है। यह बात मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने एनडीटीवी के मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ रीजनल चैनल के शुभारंभ के अवसर पर अपने संबोधन में कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक सांस्कृतिक ईकाई है। यद्यपि राज्य का निर्माण वर्ष 2000 में हुआ लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य को लेकर जो लोगों के सपने थे, वे पूरे नहीं हो पाए। छत्तीसगढ़ी संस्कृति को एक नये राज्य में फलने-फूलने का जैसा अवसर मिलना चाहिए था, वैसा नहीं मिल पाया। हम लोगों ने यह काम किया है। अपनी धरोहर को सहेजने का काम हमने शुरू किया है। भगवान राम हमारे भांजे हैं उनसे जुड़े हुए राम वन पथ गमन परिसर के विकास का कार्य हमने आरंभ किया। कौशल्या माता मंदिर के विस्तार का काम हमने आरंभ किया। अपनी सांस्कृतिक और अस्मिता को सहेजने का काम हमने किया है। 

22 Aug 2023 01:12AM,
by: Tikendra Sinha
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज गुढ़ियारी के मारूति मंगलम भवन से प्रारंभ होने वाली विशाल कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। सावन माह में भगवान शिव की अराधना की जाती है और कांवड़ियों द्वारा कांवड़ यात्रा भी निकाली जाती है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिवलिंग की पूजा कर भगवान भोलेनाथ से प्रदेश की जनता के सुख-समृद्धि की कामना की। बड़ी संख्या में कावड़ियों द्वारा हर हर महादेव बोल बम बोल बम के नारों से आसमान गूंज उठा । इस अवसर पर बस्तर लोकसभा सांसद दीपक बैज, संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय नगर निगम अध्यक्ष प्रमोद दुबे सहित भक्तजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कावड़ यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

22 Aug 2023 01:12AM,
by: Tikendra Sinha