"आपकी सेवा" नाम तो फिल्म का था जिस फिल्म के साथ लता मंगेशकर ने अपने गायिका सफर की शुरुआत की थी। तब न तो लता मंगेशकर ने सोचा रहा होगा और न ही किसी ने सोचा होगा कि वे मानव सेवा के लिए इतनी लंबी गायन यात्रा करेंगी वह भी अकेली। दरअसल भगवान ने लता मंगेशकर को सेवा के लिए ही बनाया था। गायन की दुनियां में उनका आना अपने परिवार को आर्थिक सहयोग के संबल प्रदान करना था। इस सेवा को उन्होंने अपने जीते जी बखूबी निभाया। अपने परिवार के अलावा उनका देश भी परिवार था जिसके मनोरंजन का भार भी उन्होंने उठाया । लगभग 63 वर्ष तक सक्रिय रहते हुए उन्होंने तीन पीढ़ियों के लिए स्वर दिया। शोभना समर्थ, तनुजा औऱ काजोल इस बात के उदाहरण है कि लता ने तीनों के लिए स्वर दिया। लता मंगेशकर जब स्वर की दुनिया मे कदम रख रही थी तब गायन में शमशाद बेगम औऱ नूरजहां का जलवा था। तब के दौर में नाक के भर गायन खूबी मानी जाती थी। लता मंगेशकर ने भी अपने आरंभिक दौर में ये ये नुस्खा आजमाया लेकिन जब वे स्वाभाविक हुई तो दुनियां नर जाना कि स्वर मिठास क्या होती है। "आएगा आएगा आएगा आने वाला" ये गीत महल फिल्म का था जहां से नई लता पल्लवित हुई थी। इसके बाद फिल्म दुनियां में हर नायिका के लिए लता मंगेशकर का स्वर अनिवार्य सा हो गया था। हर संगीतकार की चाहत हुआ करती थी कि लता का गाया गीत जरूर हो। लता मंगेशकर इतनी विराट हो गयी थी कि उनके रहते कोई भी दूसरी गायिका स्थाई नही हो पाई। यहां तक कि आशा भोंसले को भी केवल कैबरे औऱ तवायफखाने के गाना गाने की मजबूरी ही थी। क्लब के दौर आने पर दूसरी गायिकाएं भले ही उभरी लेकिन संगीत और स्वर की समझ का मापदंड अपनाया गया तो विकल्प लता मंगेशकर ही रही। उनके उम्र ने गायन की सीमा तय की तब 1988 में अल्का याग्निक औऱ श्रेया घोषाल के लिए रास्ता बना। लता मंगेशकर के गाये बेहतरीन गीतों की सूची भी बनाई जाए तो 500 से अधिक गाने होंगे जिनमे वे अपनी अंतरात्मा से गानों को गायी होंगी लेकिन जब कभी आंख बंद कर लता जी को सुनना चाहे तो एक गीत" मेरी आवाज ही पहचान है गर याद रहे" जरूर सुनना चाहिए। यही गीत उनके नश्वर शरीर के पंच तत्व में विलीन होने के बाद उनकी पहचान रहेगी। लता मंगेशकर जी अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नही किया वे जिंदगी भर क्लब में होने वाले गाने नही गायी। अहसास फिल्म में गाये इकलौते क्लब गाना "रूठो ना" को उन्होंने अपनी जिंदगी की भूल माना था। वे सरस्वती की देन थी आत्मा नही बेच सकती थी। उनके गायन का सफर फिल्मो से 2007-2008 के पास थमने लगा था। ऐश्वर्या राय के लिए" हमको हमी से चुरा लो" सम्भवतः अंतिम फिल्म के लिए गाया हुआ गाना था। इसके बाद वे भजन की दुनियां में सिमटते गयी। वस्तुतः स्वर की साधना के लिए लता मंगेशकर के पास यही विकल्प था। वे देश दुनियां में लता दीदी के नाम से जानी जाती रही है। दीदी तेरा देवर दीवाना जब उन्होंने गाया था तब लोगो ने "दीदी तेरा दुनियां दीवाना" भी कहा था। लता मंगेशकर की आवाज़ देश की हवा में घुली हुई है। ऐसा कोई दिन नही जाता जब लता मंगेशकर की मिश्री जैसी आवाज़ कानो में न गूंजती हो। इंसान मर कर यादों में सिमट जाता है लेकिन लता जी की आवाज़ अजर अमर है। शरीर से वे हमारे बीच न सही आवाज़ से तो है। उनकी आवाज़ ही पहचान है ये याद रहेगा हमे। उड़ गई स्वर कोकिला
06 Feb 2022 05:46AM,by: Naveen kumar sahu
वेस्टइंडीज़ के खिलाफ वनडे सीरीज़ से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय टेस्ट कप्तान के खाली पद के बारे में पूछे जाने पर भारतीय टीम के सीमित ओवरों के कप्तान रोहित शर्मा ने कहा, "अभी के लिए टेस्ट कप्तानी को भूल जाइए।" उन्होंने कहा, "उसके लिए समय है। अभी वेस्टइंडीज़ और श्रीलंका सीरीज़ पर ध्यान केंद्रित करना है।" टेस्ट टीम की कप्तानी पर बोले रोहित
06 Feb 2022 05:45AM,by: Naveen kumar sahu
हैदराबाद (तेलंगाना) में 11वीं शताब्दी के भक्ति संत रामानुजाचार्य की स्मृति में 'स्टैच्यू ऑफ इक्वैलिटी' के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रतिमा संत के ज्ञान, वैराग्य और आदर्शों का प्रतीक है। 216-फीट ऊंची यह प्रतिमा न केवल आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी बल्कि भारत की प्राचीन पहचान को भी मज़बूत करेगी।
06 Feb 2022 05:45AM,by: Naveen kumar sahu
टीम इंडिया के कैप्टन रोहित शर्मा ने वेस्टइंडीज़ के खिलाफ अहमदाबाद वनडे से पहले कहा है कि जब स्पिनर कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल एक साथ गेंदबाज़ी करते हैं तो रिज़ल्ट अच्छा देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि ये दोनों खिलाड़ी बेहतरीन परफॉर्मर रहे हैं और वह निश्चित तौर पर दोनों को टीम में एकसाथ वापस लाना चाहते हैं। कुलदीप और चहल को टीम में एकसाथ वापस लाना चाहता हूं: रोहित शर्मा
06 Feb 2022 05:45AM,by: Naveen kumar sahu
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उत्तराखंड में कहा कि आज नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं हैं बल्कि एक राजा हैं क्योंकि राजा मज़दूर, किसान से बात नहीं करता। उन्होंने कहा कि राजा ना सुनेगा ना बात करेगा, सिर्फ निर्णय लेगा। मनमोहन सिंह का समय 'गोल्डन पीरियड' था क्योंकि उस समय किसानों और सरकार के बीच साझेदारी थी।
06 Feb 2022 05:45AM,by: Naveen kumar sahu
गायिका लता मंगेशकर का आज रविवार सुबह निधन हो गया। 92 वर्षीय गायिका की तबीयत बिगड़ने के बाद शनिवार को उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। मंगेशकर को निमोनिया का पता चलने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था और जनवरी में पहले कोरोना हुआ था। वह हफ्तों तक वेंटिलेटर पर थी लेकिन फिर 28 जनवरी को उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया क्योंकि उनमें सुधार के लक्षण दिखाई दिए थे। बड़ी खबर: लता मंगेशकर का निधन
06 Feb 2022 04:42AM,by: Babuaa Desk
गायिका लता मंगेशकर का आज रविवार सुबह निधन हो गया। 92 वर्षीय गायिका की तबीयत बिगड़ने के बाद शनिवार को उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। मंगेशकर को निमोनिया का पता चलने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था और जनवरी में पहले कोरोना हुआ था। वह हफ्तों तक वेंटिलेटर पर थी लेकिन फिर 28 जनवरी को उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया क्योंकि उनमें सुधार के लक्षण दिखाई दिए थे। बड़ी खबर: लता मंगेशकर का निधन
06 Feb 2022 04:42AM,by: Naveen kumar sahu
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