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भाजपा की धान खरीदी की मियाद बढ़ाने और भीगा हुआ धान खरीदने की मांग पर प्रतिक्रिया व्यकत करते हुये प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार किसानों की चिंता दूर करने धान खरीदी की समयसीमा एक सप्ताह बढ़ा चुकी है। अब तक 21.38 लाख किसानों के लगभग 96 लाख मिट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। चालू खरीफ वर्ष में धान बेचने 22 लाख 66 हजार किसानों ने पंजीयन करवाया था। 1 दिसंबर से 31 जनवरी तक धान खरीदी का तिथि तय किया गया था। बीच में मौसम खराब होने की वजह से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार ने किसानों को तनाव मुक्त करने धान खरीदी की तिथी एक सप्ताह बढ़ाये थे। भाजपा नेता धान बेचने के बाद राजनीति कर रहे। किसानों के हित में किसानों की सरकार हरसंभव प्रयास करने से कभी न तो पीछे हटी है और न कभी ऐसा होगा। भाजपा को नौटंकी दिखाने की कोई जरूरत नहीं है। अगर रमन सिंह सहित भाजपा के नेताओं को किसानों की जरा सी भी चिंता होती तो बारदाना संकट पैदा करने की साजिश नहीं की गई होती। रमन सिंह अगर चाहते हैं कि किसानों का भीगा धान खरीदा जाय तो वे केंद्र की मोदी सरकार से छत्तीसगढ़ का उसना चावल खरीदने क्यों नहीं कह रहे है वहां तो ये भीगी बिल्ली बन जाते हैं और यहां राजनीतिक प्रपंच करते हैं। यदि मोदी सरकार उसना चावल खरीदने तैयार हो जाये तो भीगे धान से उसना चावल बन सकता है। दरअसल रमन सिंह और उनकी मंडली को किसानों की कोई चिंता नहीं है। बल्कि इनकी मोदी सरकार तो किसान की जिंदगी पर कारपोरेट घरानों का कब्जा कराने तीन काले कानून लेकर आई थी। किसान आंदोलन खत्म करने के लिए जो वादे किए गए वे अब तक पूरे नहीं किये। तभी तो किसान विश्वासघात दिवस मनाने मजबूर हो रहे हैं। भाजपा ने छत्तीसगढ़ सहित देश भर के किसानों के साथ विश्वासघात किया है न तो एमएसपी की गारंटी का वादा पूरा किया न ही किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिजनों को मुआवजा मिला। भाजपा को किसानों पर कुछ भी कहने का कोई हक नहीं है।

02 Feb 2022 12:02PM,
by: Imran Khan