06 Sep 2022

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सक्रियता के बाद एक बार फिर नये सिरे से विपक्षी एकता की संभावनाओं को बल तो मिला है, लेकिन ऐसा लगता है कि विपक्षी एकता दो ध्रुवों की ओर बढ़ रही है। एक तरफ जहां तीसरे मोर्चे की संभावनाएं टटोली जा रही हैं, वहीं कांग्रेस को साथ लेकर यूपीए को मजबूत करने की कोशिशें होती भी दिख रही हैं। ऐसे में यक्ष प्रश्न यह है कि क्या आम चुनावों से पहले कांग्रेस सहित विपक्षी दलों का एक मजबूत गठबंधन बनेगा या फिर कांग्रेस के बगैर कोई तीसरा मोर्चा आकार लेगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो क्या विपक्ष दो ध्रुवों में बंटकर ही एनडीए का मुकाबला करेगा। कहीं ऐसा नहीं हो कि फायदे में विपक्ष नहीं बल्कि एनडीए रहे।

06 Sep 2022 01:13AM,
by: Imran Khan
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दूसरी तरफ विपक्ष को एकजुट करने की कोशिशों में जुटे टीआरएस, तृणमूल कांग्रेस, आप आदि दल कांग्रेस को साथ लेकर चलने में सहज नहीं हैं। इन दलों की कोशिश एक गैर कांग्रेसी तीसरे विकल्प की है। इसके पीछे क्षेत्रीय राजनीति से जुड़े कारक तो महत्वपूर्ण हैं ही, इन दलों की अपनी महत्वाकाक्षाएं भी हैं। तीनों दलों को कांग्रेस का साथ इसलिए भी ठीक नहीं लगता क्योंकि वे अपने राज्यों में कांग्रेस से लड़ते आ रहे हैं। सही मानें तो कांग्रेस भी टीआरएस, तृणमूल और आप को लेकर बहुत आश्वस्त नहीं है। कई अन्य दलों की स्थिति भी अभी स्पष्ट नहीं है। जैसे मौका आने पर सपा कांग्रेस की बजाय तीसरे मोर्चे में जाने को प्राथमिकता दे सकती है क्योंकि कांग्रेस के साथ वह पहले गठबंधन कर चुकी है, जो बेअसर रहा। कई दलों को कांग्रेस से परहेज

06 Sep 2022 01:13AM,
by: Imran Khan
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नितीश कुमार दूसरी तरफ विपक्ष को एकजुट करने की कोशिशों में जुटे टीआरएस, तृणमूल कांग्रेस, आप आदि दल कांग्रेस को साथ लेकर चलने में सहज नहीं हैं। इन दलों की कोशिश एक गैर कांग्रेसी तीसरे विकल्प की है। इसके पीछे क्षेत्रीय राजनीति से जुड़े कारक तो महत्वपूर्ण हैं ही, इन दलों की अपनी महत्वाकाक्षाएं भी हैं। तीनों दलों को कांग्रेस का साथ इसलिए भी ठीक नहीं लगता क्योंकि वे अपने राज्यों में कांग्रेस से लड़ते आ रहे हैं। सही मानें तो कांग्रेस भी टीआरएस, तृणमूल और आप को लेकर बहुत आश्वस्त नहीं है। कई अन्य दलों की स्थिति भी अभी स्पष्ट नहीं है। जैसे मौका आने पर सपा कांग्रेस की बजाय तीसरे मोर्चे में जाने को प्राथमिकता दे सकती है क्योंकि कांग्रेस के साथ वह पहले गठबंधन कर चुकी है, जो बेअसर रहा। कई दलों को कांग्रेस से परहेज

06 Sep 2022 01:13AM,
by: Imran Khan