06 Oct 2021

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रावण एक व्यक्ति नही विचारधारा है।आदिकाल से चल रही पुख्ता विचारधारा। अच्छाई होने के बावजूद बुराई को पोसने की विचारधारा। पंडित था रावण,पाण्डित्य से लबरेज, ज्ञान का भंडार, राज काज में माहिर, पुरोहिती का विलक्षण ज्ञानी लेकिन विस्तारवादिता का लोभ था ।शक्तिशाली दिखने के लिए उचित के साथ अनुचित कार्य के प्रति रावण की आसक्ति ही उसके देहांत का कारण बनी।घर मे अनेको पत्नियों के होते पर एक स्त्री जिसे जीत न सकने के अफसोस था उसके अपहरण का लोभ ये सिद्ध करता है कि जो पुरुष पर स्त्रियों के प्रति जुदा दृष्टिकोण रखता है उसके भीतर रावण वास करता है। आज के युग मे बढ़ते बलात्कार की घटना ये सिद्ध करते है कि रावण का मरना असंभव है। रावण मरते नही है

06 Oct 2021 11:57AM,
by: Babuaa Desk