15 Jun 2021

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छत्तीसगढ़ में 16 जून से नया शिक्षण सत्र शुरु होगा, शासकीय और प्राइवेट स्कूल में शिक्षण सत्र शुरू होगा, कोरोना संक्रमण के कारण ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाएगी, इसके लिए कक्षावार व्हाट्सएप ग्रुप तैयार किए गए हैं।

बता दें कि कोरोना के कारण मार्च से ही स्कूल बंद हैं, इस बार भी पिछले बार की तरह ही 12वीं बोर्ड को छोड़कर सभी कक्षाओं के छात्रों को जनरल प्रमोशन दे दिया गया है। वहीं 12वीं बोर्ड के छात्रों की परीक्षाएं घर से ही ली गई हैं।

कोरोना के मामले अभी कम हैं। इसके बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग स्कूल खोलने के लिए कोई निर्णय नहीं ले पा रहा है। कोरोना संक्रमण से बचाव को दृष्टिगत रखते हुए स्कूल भौतिक रूप से बंद हैं और विद्यार्थियों की आनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। नया शिक्षण सत्र कल से होगा शुरू, ऐसे कराई जाएगी पढ़ाई

15 Jun 2021 03:15PM,
by: Babuaa Desk
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राज्य में 18 वर्ष से 44 आयु वर्ग के लोगों का वर्तमान में सीजी टीका पोर्टल के माध्यम से कोविड 19 वैक्सीन के लिए पंजीयन हो रहा है और सर्टिफिकेट भी दिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पहली डोज लगाने के बाद मिलने वाले सर्टिफिकेट में यदि किसी भी प्रकार की गलती है तो मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में जाकर इसे सुधरवाया जा सकता है। CGTeeKa में 18 से 44 वर्ष के कोरोना टीकाकरण कराने वाले ऐसे व्यक्ति जिनके सर्टिफिकेट में त्रुटियां आ रही हैं वे वैक्सीनेटर के माध्यम से वैक्सीनेशन सेंटर जहां वे अपना कोरोना वैक्सीन लगवाए थे या जिला स्तर पर हेल्प डेस्क या डिस्ट्रिक्ट इम्यूनाइजेशन ऑफिसर ( DIO) के माध्यम से टीकाकरण के दौरान दी गई पंजीयन पर्ची दिखाकर या अपना नाम,मोबाइल नंबर, तारीख़ व किस स्थान पर टीका लगवाया गया था, बताकर अपने सर्टिफिकेट में हुई त्रुटियों को सुधार करवा सकते हैं।

CoWIN के‌ जरिए‌ टीकाकरण ‌कराने वाले एवं 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के कोरोना टीकाकरण कराने वाले ऐसे व्यक्ति जिनके सर्टिफिकेट में त्रुटियां आ रही हैं वे https://selfregistration.cowin.gov.in में अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर में OTP प्राप्त कर Raise an issue आप्शन का चयन कर सर्टिफिकेट में हुई त्रुटि जैसे नाम , मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, लिंग एवं फोटो आई डी में सुधार करवा सकते हैं।

15 Jun 2021 03:14PM,
by: Babuaa Desk
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भारतीय सेना ने रेलवे द्वारा विकसित डेडिकेटेड फ्राइट कॉरिडोर को सफल ट्रायल को अंजाम दिया. ट्रायल के लिए सेना ने सैन्य वाहनों और उपकरणों से भरी मिलिट्री ट्रेन को हरियाणा के न्यू रेवाड़ी से राजस्थान के न्यू फुलेरा तक चलाया और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) की प्रभावशीलता को प्रमाणित किया. आधिकारिक बयान के मुताबिक रेलवे द्वारा हाल ही में निर्मित डेडिकेटेड फ्राइट कॉरिडोर से देश भर में सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए मदद मिलेगी.

इसके साथ ही सेना, डेडिकेटेड फ्राइट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और रेलवे के बीच बेहतर साझेदारी से सशस्त्र बलों के मूवमेंट में भी सकारात्मक तेजी आएगी. सेना द्वारा किए गए ये ट्रायल पूरे देश के हिसाब से किए जा रहे हैं, जिनके जरिए मंत्रालय और विभागों के बीच बेहतर तालमेल और संसाधनों के पूर्ण इस्तेमाल को बढ़ावा देना है. इसके लिए भारतीय सेना डीएफसीसीआईएल, रेलवे और अन्य साझेदारों संग मिलकर काम करेगी, जिससे सैन्य उपकरणों और जवानों के आवागमन में तेजी आएगी.
 

15 Jun 2021 02:39PM,
by: Babuaa Desk