16 Aug 2023

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आजादी की 76वीं वर्षगांठ पर आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस प्रदर्शनी में प्रदेश सरकार के पौने पांच साल की उपलब्धियों एवं देश के स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ के महान क्रांतिकारियों की स्मृतियों को सुसज्जित ढंग से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में आजादी की लड़ाई में छत्तीसगढ़ के क्रांतिकारियों का योगदान और उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज, स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान उनकी जीवन यात्रा, जंगल सत्याग्रह, भारत छोड़ो आन्दोलन एवं स्वतन्त्रता आंदोलन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में उनके योगदानों को प्रदर्शित किया गया है। उनमें प्रमुख रूप से सुराजी गांव योजना, नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, छत्तीसगढ़ मिलेट मिशन, बेरोजगारी भत्ता योजना आदि प्रमुख रूप से शामिल है। प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर आधारित डाक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी प्रदर्शनी स्थल पर किया जा रहा हैं। 

16 Aug 2023 05:51AM,
by: Tikendra Sinha
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सरकारी सेवा में रहते रहते भारत के संविधान के अनेक हिस्सो को पढ़ने का अवसर मिलता रहा । ये भी हमेशा विश्वास रहा कि व्यक्ति को देश के संविधान के प्रति गहरी निष्ठा रखनी चाहिए । सीधे साधे देशवासियों को संविधान से ज्यादा मतलंब नही होता है। वे ये भी मानते है कि संवैधानिक व्यवस्था से उन्हें क्या लेना देना है। जन्म लिए हर व्यक्ति को मरना ही है तो वे मरने के लिए खाते है, पीते है, जागते है सोते है और मर भी जाते है। लेकिन बहुत से व्यक्ति मेरे जैसे है जिनका द्रष्टिकोण जुदा है। वे सजग है, सतर्क है लेकिन अपने विरुद्ध बनते षड्यंत्र से अनभिज्ञ है। जब कुचक्र में फंसते है तो सिवाय संवैधानिक उपचार के अलावा कोई विकल्प शेष नही बचता है। हर व्यक्ति की समझ का एक स्तर होता है।कुछ लोग कुत्सित मानसिकता से भरे होते है जिनके मस्तिष्क में नकारात्मकता की जड़े इतनी गहरी होती है कि वे खाद पानी न भी डाले तो अमरबेल आपादमस्तक अपना घर बना लेती है। ऐसे लोग आपके प्रति एक सोंच निर्मित करते है और उसी सोंच को अभिव्यक्त करते है। इनके कारण अनेक व्यक्ति ऐसे कुचक्र में फंसते है और आगे भी फसेंगे क्योकि बिच्छु को कितनी बार पानी से निकालने की कोशिश करो वो कटेगा ही। ऐसे लोगो से निपटने के लिए आपको संवैधानिक अधिकार की ही मदद लेनी पड़ती है और आगे जरूरत भी पड़ेगी। आज़ादी के मेरे मायने

16 Aug 2023 03:02AM,
by: Babuaa Desk