18 May 2022

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भेंट-मुलाकात का दूसरा चरण बुधवार से शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री आज से बस्तर संभाग के दौरे पर है। वे भेंट-मुलाकात की शुरूआत सुकमा जिले के कोंटा विधानसभा से करेंगे। श्री बघेल रात्रि विश्राम सुकमा में करेंगे है और यहां तीनों ब्लाक का दौरा करेंगे। इसके मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए हैं। एरिया की सर्चिंग की जा रही है। इसे लेकर एडीजी से लेकर पुलिस के तमाम बड़े अधिकारी पहुँचे हैं। सीएम बघेल 2 जून तक बस्तर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में आम जनता से भेंट-मुलाकात करेंगे। वे बस्तर के 7 जिलों में सभी 12 विधानसभा सीट के 3-3 गांव जाकर सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानेंगे। साथ ही झीरम कांड की दसवीं बरसी पर 25 मई को कांग्रेस के शहीद नेताओं के स्मारक का लोकार्पण करेंगे।

18 May 2022 06:24AM,
by: Imran Khan
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गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। हार्टिक पटेल ने इस्तीफे की जानकारी अपने ट्विटर हैंडल पर दी। उन्होंने लिखा, "आज मैं हिम्मत करके कांग्रेस पार्टी के पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूँ। मुझे विश्वास है कि मेरे इस निर्णय का स्वागत मेरा हर साथी और गुजरात की जनता करेगी। मैं मानता हूं कि मेरे इस कदम के बाद मैं भविष्य में गुजरात के लिए सच में सकारात्मक रूप से कार्य कर पाऊँगा।" ।।विरोध की राजनीति तक सीमित रह गई कांग्रेस।। हार्दिक पटेल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा सौंपा। उन्होंने पत्र में लिखा कि अनेक प्रयासों के बाद भी कांग्रेस पार्टी द्वारा देशहित एवं समाज हित के बिल्कुल विपरीत कार्य करने के कारण मैं पार्टी से इस्तीफा दे रहा हूं। उन्होंने आगे लिखा, देश के युवा एक सक्षम और मजबूत नेतृत्व चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी सिर्फ विरोध की राजनीति तक सीमित रह गई है। जबकि, देश के लोगों को विरोध नहीं, ऐसा विकल्प चाहिए जो भविष्य के बारे में सोचता हो।

18 May 2022 05:53AM,
by: Imran Khan
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सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड के मामले में बुधवार को बड़ा फैसला किया। शीर्ष कोर्ट ने इस मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे दोषियों में से एक एजी पेरारिवलन को रिहा करने का आदेश दिया है। पेरारिवलन ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा था कि तमिलनाडु सरकार ने उसे रिहा करने का फैसला लिया था, लेकिन राज्यपाल ने फाइल को काफी समय तक अपने पास रखने के बाद राष्ट्रपति को भेज दिया था। यह संविधान के खिलाफ है। 11 मई को हुई सुनवाई में केंद्र ने पेरारिवलन की दया याचिका राष्ट्रपति को भेजने के तमिलनाडु के राज्यपाल के फैसले का बचाव किया था। ।। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस ए एस बोपन्ना की पीठ को बताया था कि केंद्रीय कानून के तहत दोषी ठहराए गए शख्स की सजा में छूट, माफी और दया याचिका के संबंध में याचिका पर केवल राष्ट्रपति ही फैसला कर सकते हैं। इस पर, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से सवाल किया था कि अगर इस दलील को स्वीकार कर लिया जाता है तो राज्यपालों की ओर से दी गई अब तक की छूट अमान्य हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर राज्यपाल पेरारिवलन के मुद्दे पर राज्य मंत्रिमंडल की सिफारिश को मानने को तैयार नहीं हैं तो उन्हें फाइल को पुनर्विचार के लिए वापस मंत्रिमंडल में भेज देना चाहिए था।

18 May 2022 05:53AM,
by: Imran Khan