24 May 2021

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कोण्डागांव, बस्तर संभाग में हरा सोना के नाम से विख्यात तेंदूपत्ता के संग्रहण का समय आते ही वनवासियों के चेहरों में खुशी की लहर दौड़ जाती है। तेंदूपत्ता कोण्डागांव के वनांचलों में बहुतायत मात्रा में प्राप्त होता है। यह जनजातिय संस्कृति का भाग होने के साथ आर्थिक दृष्टिकोण से भी वनवासियों के लिए आवश्यक है। पहाड़ी-पठारीय क्षेत्र होने एवं खेती के वर्षा पर निर्भरता के कारण ग्रीष्म ऋतु में वनांचलों की आय का एकमात्र साधन तेंदूपत्ता संग्रहण होता है। ऐसे में वर्ष 2021 के प्रारंभ के बाद लगातार बढ़ रहे कोरोना के संक्रमण के कारण तेंदूपत्ता संग्रहण के इस सीजन में लाॅकडाउन का ग्रहण लग गया था। जिससे बैंकों में लेन-देन केवल सीमित मात्रा में किया जाने लगा। इससे ग्रामीणों को तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि जो कि उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे अंतरित की जाती थी, प्राप्त करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इन परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन एवं वन विभाग के द्वारा राज्य शासन को तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि नगद हस्तांतरण की अनुमति प्रदान करने हेतु पत्राचार किया गया। जिसपर राज्य शासन द्वारा वनावासियों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए नगद भुगतान हेतु जिला प्रशासन को अनुमति प्रदान कर दी। इस पर कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा द्वारा सभी लघु वनोपज समितियों को नगद भुगतान का आदेश जारी किया गया।

24 May 2021 04:07PM,
by: Thaneshwar sahu