26 Jan 2021

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  गणतंत्र दिवस पर किसानों के उग्र आंदोलन और दिल्ली में स्थिति को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमितशाह ने उच्च स्तरीय बैठक की। दिल्ली में सुबह से लेकर अब तक के हालात को लेकर गृह मंत्रालय में बैठकों का दौर जारी है। इस बैठक में गृह सचिव, दिल्‍ली पुलिस के अधिकारी और अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक में फैसला लिया गया कि अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियों को दिल्ली में तैनात किया जाएगा। ये उन 15 कंपनियों के ऊपर होंगे, जो कल भेजी गई थीं। 5 कंपनियां आज स्टैंडबाय पर थीं। यानी दिल्‍ली में 1500 से अधिक अर्धसैनिक बलों की तैनाती होगी। बैठक में तत्काल प्रभाव से उन संवेदनशील जगहों पर सुरक्षाबलों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं, जहां पर मंगलवार को हिंसा हुई है। यह जगह नांगलोई, आईटीओ और गाजीपुर हैं।आज की हिंसा से जुड़ी हर पहलू की समीक्षा की जा रही है। अब तक 3 अहम बैठकें हो चुकी हैं। गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस द्वारा बनाई गई विशेष टीम दिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों से जानकारी ले रही है।  

26 Jan 2021 03:31PM,
by: Thaneshwar sahu
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि वन अधिकार दावों के निरस्त हो जाने से अनुसूचित जनजाति तथा परंपरागत वन निवासियों में बेहद निराशा थी, हमने निरस्त दावों की पुनः समीक्षा से बड़े पैमाने पर काबिज जमीन का विधिवत अधिकार देकर बड़े पैमाने पर आशा का संचार किया। सामुदायिक वन अधिकार पत्र तथा सामुदायिक वन संसाधन पत्र देने के नए उपायों को बड़ी सफलता मिली। अब हमने वन अधिकार पट्टाधारियों से भी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का निर्णय लिया है। मुझे विश्वास है कि आदिवासी समाज के सम्मान व स्वावलम्बन में इस पहल का दूरगामी असर होगा। मैं चाहूंगा कि पट्टाधारी किसान इस पहल का भरपूर लाभ उठाएं।

26 Jan 2021 12:34PM,
by: Imran Khan
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज यह अवसर है कि हम अपने संविधान निर्माताओं की चिंता को साझा करें, आपस में विचार-विमर्श करें। संविधान के आधार पर देश चले, संविधान निर्माताओं की भावनाओं का सम्मान हो और हमारे संसदीय लोकतंत्र की गौरवशाली परंपराओं का मान कायम रहे, इस दिशा में मजबूती से चलने का संकल्प लेना भी इस वक्त की एक बड़ी जरूरत है। मुझे यह कहते हुए बहुत खुशी हो रही है कि हमारा छत्तीसगढ़ हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं की आशाओं के अनुरूप सद्भाव और समरसता के रास्ते पर अडिग रहा, जिसके लिए आप सब बधाई के पात्र हैं। भाइयों और बहनों, हमारी सबसे पहली प्राथमिकता, अनुसूचित जनजाति व अनुसूचित जाति बहुल अंचल तथा ग्रामीण जनता है, जिन्हें विकसित स्थानों एवं लोगों की बराबरी में लाने के लिए विशेष जतन की जरूरत है। जब हम संविधान के प्रावधानों पर चिंतन-मनन करते हैं, अवसरों की बराबरी की बात करते हैं, न्याय की बात करते हैं, व्यक्ति की गरिमा की बात करते हैं तो हमारी आंखों के सामने उसी तबके के चेहरे अधिक नजर आते हैं, जो बुनियादी सुविधाओं से वंचित रह गए। * सद्भाव और समरसता के रास्ते पर अडिग रहा है छत्तीसगढ़

26 Jan 2021 12:33PM,
by: Imran Khan
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मुख्यमन्त्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमारी सरकार ने बीते दो वर्षों में विशेषकर इन तबकों के हक और हित में बड़े कदम उठाए हैं। गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की बहुतायत को देखते हुए तथा उन्हें राष्ट्रीय औसत के बराबर लाने की चुनौती स्वीकार करते हुए हमने पूना माड़ाकाल दंतेवाड़ा कार्यक्रम शुरू किया, जो ऐसे अन्य जिलों में भी तेज विकास के लिए नवाचार का आधार बनेगा। इस अभियान से दंतेवाड़ा जिले में 10 माह में कुपोषण की दर 26 प्रतिशत कम हुई। 500 एकड़ भूमि लघु उद्योगों के लिए चिन्हांकित की गई। रोजगार के नए अवसर बने। स्थानीय लोगों को जोड़कर 4 कारखाने शुरू किए गए हैं, जो रेडीमेड परिधानों के नए ब्रांड डैनेक्स (दंतेवाड़ा नेक्स्ट) को राष्ट्रीय स्तर पर बाजार में उतारेंगे। लोहंडीगुड़ा में आदिवासियों की जमीन वापसी और जगरगुंडा में 13 साल बाद स्कूलों में रौनक वापसी हुई। मेहरार चो मान बेटियां के स्वाभिमान का अभियान बना तो आमचो बस्तर स्वावलम्बन का नया प्रतीक। मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजनाएं, कुपोषण और मलेरिया मुक्ति का आगाज भी बस्तर से हुआ, जो आगे चलकर पूरे प्रदेश के लिए एक नजीर और प्रेरणा स्रोत बना। राज्य सरकार ने बीपीएल परिवारों के हक और हित में उठाए बड़े कदम

26 Jan 2021 10:26AM,
by: Imran Khan